बाराबंकी। जिले की माटी ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। हिंदी साहित्य सम्मेलन प्रयागराज की ओर से 14 सितंबर को हिंदी दिवस पर वरिष्ठ साहित्यकार पं. प्रताप नारायण मिश्र को सर्वोच्च मानद उपाधि साहित्य महोपाध्याय से अलंकृत किया जाएगा।
इस घोषणा से जिले के साहित्यकारों में खुशी का माहौल है। शहर के लखपेड़ाबाग निवासी पं. प्रताप नारायण मिश्र की लेखनी ने साहित्य जगत को समृद्ध किया है। उन्होंने विभिन्न विषयों पर लगभग चार दर्जन पुस्तकों की रचना की है। संस्था की ओर से हर वर्ष साहित्य सेवा के लिए सुपात्र साधकों को इस मानद उपाधि से नवाजा जाता है।
इससे पहले भी उन्हें विद्यासागर, साहित्य भूषण और भारत गौरव जैसी तमाम बड़ी उपाधियों से सम्मानित किया जा चुका है।जिले के साहित्यका को मिलने जा रहा यह सम्मान पूरे बाराबंकी के लिए बड़े गर्व की बात है। इससे जिले के मान-सम्मान को नई ऊंचाई मिलेगी।