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Barabanki News: 50 करोड़ पहुंचा टाइम सिटी घोटाला, निवेशकों ने दिए सबूत

Mon, 16 Dec 2024 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। जिले में टाइम सिटी ग्रुप द्वारा धोखाधड़ी कर निवेशकों से हड़पी गई धनराशि का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। इस मामले में पुलिस अब तक करीब 70 निवेशकों के बयान दर्ज कर चुकी है। उनसे हुई बातचीत के आधार पर घोटाले में कंपनी के संचालकों द्वारा किए गए घोटाले की राशि 50 करोड़ तक पहुंच गई है। देवा कोतवाली में ग्रुप के अध्यक्ष समेत करीब 10 से 12 लोगों के खिलाफ अब तक 10 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। जिसमें अध्यक्ष समेत दो को पुलिस जेल भी भेज चुकी है।
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जिले के साथ ही अब तक बस्ती, संतकबीरनगर, महाराजगंज जिलों में रहने वाले 106 से अधिक पीड़ितों का आरोप है कि टाइम सिटी ग्रुप व उनकी विभिन्न कंपनियों ने लुभावनी स्कीम के साथ लोगों से बढ़चढ़ कर निवेश करवाया। इसमें अवधि पूरी होने पर दो गुना धनराशि अथवा को राजधानी लखनऊ के समीप आशियाना बनवाने के लिए जमीन देने का वायदा किया गया था। जमा धनराशि की अवधि पूरी होने के बाद जब वापसी का मौका आया तो कंपनी के कार्यालयों पर ताला लटक गया। मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी के अनुसार अब तक टाइम सिटी घोटाले में करीब 50 करोड़ की हेराफेरी उजागर हुई है। हालांकि सीओ सदर सुमित त्रिपाठी का कहना है कि मामले की जांच पूरी हो जाने के बाद ही आरोपी कंपनी द्वारा हड़पी गई घोटाले की वास्तविक राशि का पता चल सकेगा। बताया कि विवेचना में गठित टीमें साक्ष्य जुटा रही हैं।

कम समय में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर फरार हुई एलयूसीसी कंपनी से जुड़े मामलों की जांच भी एसआईटी कर रही है। बदोसराय, देवा, रामनगर, शहर कोतवाली आदि में अब तक 16 केस दर्ज हैं। एलयूसीसी के जिला प्रभारी कहे जाने वाले उत्तम सिंह राजपूत व उसकी पत्नी माया पर पुलिस 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने के साथ लुकआउट नोटिस भी जारी कर चुकी है।
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अब तक विश्वास, एलयूसीसी व टाइम सिटी जैसी करीब आधा दर्जन निजी कंपनियाें ने बाराबंकी समेत आसपास के जिलों के एक लाख से अधिक लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ किया है। बीते कुछ महीनों से जमा धन की अवधि पूरी होने पर लोगों को अपनी मेहनत की कमाई डूब जाने का अहसास हुआ। कंपनियों के दफ्तरों पर पड़े तालों व संचालकों के बंद मोबाइल नंबरों के बाद ठगी का शिकार बने निवेशक व एजेंट हड़पी गई धनराशि की वापसी को लेकर बीते तीन माह से जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
इन कंपनियों ने निवेशकों से पांच से छह साल में धन दोगुना करने का झांसा दिया। जब निवेशकों द्वारा जमा किए गए पैसाें की अवधि पूरी हाेने लगी तो कंपनी सबकी जमा पूंजी समेट कर भाग गई। इनमें से अधिकांश कंपनियों के मुख्य संचालक अब देश से बाहर जाकर छिपे हैं।
एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि एलयूसीसी व टाइम सिटी पर दर्ज मुकदमों की जांच तेजी से हो रही है, और भी लोग नामजद है उनकी तलाश जारी है। एलयूसीसी के जिला प्रभारी व उसकी पत्नी पर 25-25 हजार का इनाम घोषित कर लुकआउट नोटिस जारी की गई है। एसआईटी भी इसकी जांच कर रही है।
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