महादेवा (बाराबंकी)। सावन का पांचवां सोमवार लोधेश्वर महादेवा में श्रद्धा का सैलाब लेकर आया। महाभारत कालीन पौराणिक तीर्थस्थल में रविवार रात सवा 12 बजे से जलाभिषेक शुरू हुआ जो सोमवार की देर रात तक अनवरत चलता रहा। इस दौरान भगवान लोधेश्वर महादेव और बम-बम की जयकारों से महादेवा के आसपास के गांव भी गुंजायमान हो गए।
लोधेश्वर महादेवा में बीती रात 10 बजे ही मंदिर परिसर से लेकर मुख्य सड़क तक भक्तों की कतार लग गई। रात का नजारा दिन जैसा था। दुकानों पर खरीदारी हो रही थी। जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, महादेवा परिसर हर-हर बम-बम, हर हर महादेव और भगवान लोधेश्वर के जयकारों से गूंज उठा। सोमवार भोर चार से लेकर आठ बजे तक सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ी। ब्रह्म मुहूर्त में हजारों शिवभक्तों ने भगवान लोधेश्वर महादेव को दूध, दही, गंगाजल, बेलपत्र, चंदन अर्पित करके खुद को धन्य समझा।
धक्का-मुक्की के बीच भोले की भक्ति में रमे श्रद्धालु जलाभिषेक कर लौट रहे थे। सोमवार की देर शाम तक महादेवा में श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक सावन के पांचवें सोमवार पर लोधेश्वर महादेवा में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
मंदिर व मेला परिसर की करीब 30 सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन से निगरानी की गई। डीएम और एसपी अपने मोबाइल में अटैच इन कैमरों के जरिए महादेवा का ऑनलाइन तरीके से हाल लेते रहे। एएसपी उत्तरी आशुतोष मिश्र ने बताया कि मेला परिसर से लेकर सड़क तक सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की गई है।
घिसता रहा चंदन, बजते रहे डमरु
भगवान भोलेनाथ की नगरी महादेवा में सावन के सोमवार का नजारा कुछ अलग ही रहा। यहां पहुंचने वाले संत, महात्मा और शिवभक्त भगवान लोधेश्वर को ताजा घिसा हुआ चंदन लगाने को लालायित रहते हैं। इसको लेकर बाहर लगी दुकानों पर दुकानदार चंदन घिसते रहे। दुकानों पर डमरु की खरीदारी भी खूब हुई। युवा व बच्चे हाथों में डमरू बजाते महादेवा में घूमते दिखे।
पुलिसकर्मी भी बोले हर-हर बम-बम
जलाभिषेक के दौरान सबसे ज्यादा भीड़ गर्भ गृह के अंदर दिखी। यहां तैनात पुलिस जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं को तुरंत बाहर भेज रही थी। भीड़ के रेले को थामने के लिए लगे पुलिसकर्मी भी बम-बम भोले कहकर भीड़ को संयत कराते दिखे।