बाराबंकी। जिले के परिषदीय विद्यालय उपस्थिति के मामले में सबसे फिसड्डी हैं। महज 38 फीसदी उपस्थिति के चलते बाराबंकी प्रदेश में 74वें पायदान पर है। तमाम विभागों और योजनाओं को धरातल पर उतारने में अव्वल रहने वाले जिले की बेसिक शिक्षा विभाग की शासन से आई जुलाई की रिपोर्ट ने पूरे प्रदेश में फजीहत करा दी है। बीएसए ने 57 स्कूलों के समस्त स्टाफ का वेतन रोकते हुए सुधार के निर्देश दिए हैं।
जुलाई में निपुण भारत अनुश्रवण केंद्र की ओर से प्रदेश के 75 जिलों की औसत उपस्थिति का आकलन कराया गया था। इसमें बाराबंकी के परिषदीय विद्यालयों में बच्चोंं की औसत उपस्थिति महज 38 फीसदी निकलकर ही सामने आई। इस प्रतिशत के साथ जिले की गिनती सबसे फिसड्डी जनपदों में से एक में हो गई है। बाराबंकी को 75 जिलों में 74वां स्थान प्राप्त हुआ है।
महानिदेशक स्कूल की ओर से विद्यालयों में औसत उपस्थिति में सुधार करने के निर्देश दिए। इसके बाद सोमवार को बीएसए संतोष देव पांडेय ने एमडीएम पोर्टल से प्राप्त सूचना के आधार पर तीन से 31 जुलाई के मध्य सबसे कम उपस्थिति वाले विद्यालयों के समस्त स्टाफ का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। इनमें अलग-अलग ब्लॉकों के 57 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। बीएसए ने निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों में बच्चों की औसत उपस्थिति लगभग 50 प्रतिशत होनी चाहिए। ऐसा न होने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।