बाराबंकी। किशोरी के धर्मांतरण और निकाह कराने के मामले में पुलिस ने शनिवार को सिपाही आसिफ, उसके सहयोगी सिराज व जिस कार में निकाह कराया गया था उसके मालिक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। यहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस निकाह कराने वाले मौलाना समेत बाकी आरोपियों की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं।
फतेहपुर के मोहल्ले की निवासी किशोरी की मां की तहरीर पर बृहस्पतिवार को सिपाही आसिफ समेत चार नामजद और आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोप है कि वर्ष 2024 में फतेहपुर कोतवाली की कस्बा चौकी में तैनात रहे सिपाही आसिफ ने एक महिला के माध्यम से किशोरी और उसके परिवार से नजदीकी बढ़ाई।
इसके बाद उसने किशोरी का संपर्क बसारा निवासी जावेद से कराया। जावेद सऊदी अरब से लौटकर आया और किशोरी का यौन शोषण करता रहा। दो बार गर्भवती हो गई जिसका गर्भपात भी कराया गया। धर्मांतरण कराकर मसौली की एक मजार के पास कार के अंदर उसका निकाह कराया गया।
सीओ जगत कनौजिया ने बताया कि मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। इस मामले में आसिफ, जावेद, सिराज समेत चार नामजद और आठ अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज है।
एसएचओ अमित प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस ने सिपाही आसिफ, सफदरगंज क्षेत्र के चक निवासी सिराज व कार स्वामी बसारा निवासी अवधेश को गिरफ्तार कर लिया। किशोरी को ले जाने व निकाह में अवधेश की कार प्रयोग की गई थी।