जिले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को डेंगू से तीन मरीजों की और मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग एक ओर कमर कसने की बात कह रहा है वहीं आए दिन इसकी चपेट में आकर मौत होने से हकीकत सामने आ रही है। अब तक आठ मौतें हो चुकी हैं वहीं भारी संख्या में डेंगू पीड़ितों का उपचार निजी व सरकारी अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
विकास खंड हरख क्षेत्र के अलग-अलग तीन गांवों में मरीजों की डेंगू की चपेट में आकर बीती रात मौत हो गई। क्षेत्र के ग्राम बड़ालाल पुर निवासी राम मनोहर (52) की चार दिन पूर्व बुखार की चपेट में आने से तबीयत खराब हो गई, जिसे परिवारीजन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। राम मनोहर ने रविवार की रात उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
वहीं महमदपुर निवासी नलकाऊ पुत्र चंदर को तेज बुखार होने के बाद परिवारीजन सोमवार की सुबह जिला अस्पताल ले जा रहे थे। तभी रास्ते में ननकऊ की मौत हो गई। परिवारीजनों ने बताया कि ब्लड टेस्ट कराया गया था जिसमें डेंगू की पुष्टि होने पर आननफानन उपचार के लिए ले जा रहे थे कि मौत हो गई।
वहीं सतरिख थाना क्षेत्र के ग्राम सहेलिया निवासी रघुनाथ यादव (35) पुत्र भागीरथ यादव पांच दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थे। जिन्हें तीन दिन पूर्व जिला अस्पताल से लखनऊ के निजी अस्पताल को रेफर किया गया था। जहां उपचार के दौरान रविवार दोपहर मरीज की मौत हो गई। अब तक की जिले में यह डेंगू से आठवीं मौत है।
सिद्धौर व सतरिख में डेंगू से मौत की जानकारी मिलते ही संबंधित सीएचसी प्रभारियों को जांच के लिए भेजा जाएगा। और उन गांवों के ऐसे मरीज जिनको कई दिनों से बुखार आ रहा है। उनकी जांच कराकर दवाएं वितरण कराई जाएगी। -डॉ. डीआर सिंह, सीएमओ