बाराबंकी। असंद्रा क्षेत्र में बीमार हालत में तीन माह बाद मिली लापता युवती की इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में की जांच में सामने आया है कि गुमशुदगी दर्ज कराते समय उसकी उम्र 18 वर्ष से कम बताई गई थी, जबकि अब युवती की उम्र 22 वर्ष बताई जा रही है। इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।
चंद्रभानपुर गांव निवासी बृजेश ने असंद्रा थाने में तहरीर देकर बताया था कि 26 अगस्त को उनकी 16 साल की बहन नेहा अचानक घर से लापता हो गई है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। करीब तीन माह बाद 29 नवंबर को इसी गांव की कांति नामक महिला नेहा को लेकर थाने पहुंची। कांति ने पुलिस को बताया कि नेहा अपनी स्वेच्छा से उनके साथ मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में उनकी ससुराल चली गई थी। बाद में जब उन्हें जानकारी हुई कि नेहा की गुमशुदगी दर्ज है तो वह उसे वापस लेकर आईं। पुलिस ने जब नेहा का बयान दर्ज किया तो उसकी हालत बेहद खराब पाई गई। उसके घुटने के नीचे से पंजे तक गंभीर संक्रमण था, चेहरे पर सूजन थी और वह पीलिया से भी पीड़ित थी। पुलिस ने अदालत में बयान दर्ज कराने से पहले उसके इलाज को जरूरी बताते हुए परिजनों को इसकी सलाह दी। इसके साथ ही लिखित रूप से यह भी दिया गया था कि स्वास्थ्य ठीक होने पर अदालत में बयान कराया जाएगा। सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि इलाज के दौरान नेहा की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस गांव पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं।
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वर्जन-
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अभी किसी भी पक्ष की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।
- आलोक मणि त्रिपाठी, एसएचओ