परिषदीय स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे सेहतमंद हों, इसको लेकर हफ्ते में एक दिन बच्चों को दूध दिए जाने की योजना शासन के आदेश पर शुरू की गई थी लेकिन कनवर्जन कॉस्ट कम होने की वजह से योजना परवान नहीं चढ़ पा रही थी। अब ऐसा नहीं होगा प्रत्येक बुधवार को बच्चों को दूध दिया जाएगा। अब प्रति बच्चे के हिसाब से कनवर्जन कॉस्ट 3.64 रुपये से बढ़ाकर 6.16 रुपये कर दी गई है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में करीब साढे़ तीन लाख के आसपास बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। इन बच्चों को मध्याह्न भोजन योजना के तहत पका-पकाया भोजन दिया जाता है। इसके साथ शासन ने बच्चों को हफ्ते में एक दिन बुधवार को 2 सौ एमएल दूध दिए जाने का आदेश जारी कर दिया। एक दो माह तो किसी तरह से इस आदेश का अनुपालन शिक्षकों ने कराया। लेकिन उन्हें जेब से रकम चुकता कर बच्चों को दूध पिलाना महंगा पड़ने लगा।
शिक्षकों ने इस समस्या से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के समक्ष रखा और कहा कि कनवर्जन कॉस्ट कम होने की वजह से बच्चों को दूध पिला पाना संभव नहीं है। बीएसए ने इस बात को शासन में रखी थी। शासन में शिक्षकों की समस्या को जायज मानते हुए एक दिन यानि बुधवार के दिन की कनवर्जन कॉस्ट बढ़ाकर दो गुनी कर दी है। इसके अलावा दूध की मात्रा में 50 एमएल की कटौती कर दी है। इसके साथ ही योजना को महत्वपूर्ण ढंग से संचालित किए जाने का आदेश बीएसए को दिए हैं।