बाराबंकी। शहर के नाका सतरिख चौराहे से हैदरगढ़ मार्ग पर तीन किलोमीटर तक सड़क के दोनों ओर हुआ अतिक्रमण इस मार्ग के चौड़ीकरण में अड़ंगा लगा रहा है। फुटपाथ और सड़क किनारे अतिक्रमण कर सजी छोटी बड़ी तीन सौ दुकानें , ठेले और डग्गामार वाहनों की अवैध पार्किंग के कारण व्यस्त रूट पर दिन जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है। खासकर बड़ेल चौराहे पर जाम की परेशानी आम हो गई है। शिकायत के बाद भी प्रशासन इस परेशानी से छुटकारा दिलवाने को लेकर उदासीन बना है।
जाम की समस्या से छुटकारा दिलवाने के लिए ही बीते दिनों इस सड़क का सर्वे कर चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार कराया हुआ है। लेकिन सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण कर बने अस्थायी और स्थायी निर्माण हटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना है। इसके चलते ही इस पूरे मार्ग का चौड़ीकरण कार्य भी फिलहाल अटक गया है।
नाका सतरिख शहर का व्यस्ततम चौराहा माना जाता है। यहां से हैदरगढ़ जाने वाले मार्ग पर कई डग्गामार वाहनों के अवैध स्टैंड संचालित हो रहे हैं। यह वाहन सड़क किनारे खड़े होकर यात्रियों को बैठाते हैं, जिससे हर दिन लोगों को जाम की परेशानी से जूझना पड़ता है। इसके साथ ही सड़क किनारे लगने वाले ठेले-खोमचे व फेरीवालों के कारण भी यातायात संचालन में काफी दिक्कत आती है। बड़ेल चौराहे पर पुलिया के संकरी होने के कारण यातायात पुलिस कर्मी की तैनाती के बावजूद सुबह व दोपहर में स्कूल की छुट्टी के समय हर दिन घंटों जाम लगता है।
नगर प्रशासन और यातायात विभाग समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद फिर से स्थिति जस की तस हो जाती है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आरके राय ने बताया कि सड़क को चौड़ा करने के लिए अभी सर्वे किया जा रहा है। जाम से छुटकारा दिलवाने के लिए अतिक्रमण को हटाकर सड़क का चौड़ीकरण करने के साथ ही दो नए पुल भी बनाए जाएंगे।