सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। क्षेत्र में कुत्तों और बंदरों का आतंक बना हुआ है। झुंड में चलने वाले कुत्ते आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं। इस कारण संयुक्त चिकित्सालय में हर दिन कुत्ते व बंदर के काटने से पीड़ित 60 से 65 लोग एआरवी (एंटी रेबीज वैक्सीन) लगवाने पहुंच रहे हैं। लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद भी इसकी रोकथाम को लेकर जिम्मेदार उदासीन बने हैं।
क्षेत्र के औरेला गांव के हुसैन दरिगापुर के रमेश चंद, भवानीपुर के शुभम , सत्यम, बिंदराम, मेडीलाल, अर्चना, पल्लवी, संतोष कुमार, विनीत कुमार, तेज नारायण, विष्णु कुमार, राधा देवी, यज्ञ सैनी वर्मा, विजय कुमार समेत 53 पीड़ितों को कुत्ता व बंदर के काटे जाने के बाद वैक्सीन लगवाने अस्पताल पहुंचना पड़ा। सिरौलीगौसपुर गांव के ग्रामीणों ने बीते दिनों आयोजित तहसील समाधान दिवस मेंं हिंसक हो रहे इन जानवरों की धरपकड़ व बचाव के लिए त्वरित कार्रवाई किए जाने की गुहार भी लगाई थी।
24 घंटे में वैक्सीन लगवाना जरूरी
कुत्ता, बंदर व अन्य जंगली जानवर के काटने पर घबराएं नहीं, बल्कि पानी की तेज धार से घाव को धुलें। साथ ही साथ एंटीसेप्टिक लिक्विड डिटॉल या साबुन लगाकर साफ करें। हादसे के बाद 24 घंटे में अस्पताल पहुंचकर एंटी रेबीज इंजेक्शन अवश्य लगवाना चाहिए। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध हैं।
- डॉ. नीलम गुप्ता, सीएमएस