बाराबंकी। तीसरे चरण में कोरोनारोधी टीका लगवाने के लिए लोगों में सुबह से ही जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। 38 सौ में से 35 सौ लोगों ने अस्पतालों में पहुंचकर कोरोनारोधी टीका लगवाया। सीएमओ ने गुरुवार सुबह करीब दस बजे जिला अस्पताल में टीका लगवाकर अभियान की शुरुआत की। वहीं नामित अधिकारियों ने अस्पतालों में अभियान का जायजा लेते हुए टीका लगवाने वालों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान 2964 महिलाओं और 549 पुरुषों ने टीका लगवाया।
पहले दो चरणों में जिले में 2510 लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाया जा चुका है। तीसरे चरण के दो दिन में 7617 लोगों को टीका लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के पहले दिन 38 सौ स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाना था लेकिन गुरुवार को निर्धारित समय शाम पांच बजे तक जिले के 18 केंद्रों पर 3513 लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने सुबह करीब सवा दस बजे जिला अस्पताल में खुद को टीका लगवाकर की।
इसके बाद टीकाकरण केंद्रों पर टीका लगवाने वालों की अच्छी खासी भीड़ जुट गई। लोगों में टीका लगवाने को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। पहले दो चरणों में जिन लोगों को टीका लगाया गया उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत न होने के कारण तीसरे चरण में भारी संख्या में लोगों ने बूथों पर पहुंचकर टीका लगवाया। वहीं नामित अधिकारियों ने टीकाकरण केंद्रों पर अभियान का जायजा लिया और टीका लगवाने वालों का उत्साहवर्धन किया।
हिंद अस्पताल की चेयरपर्सन डॉ. ऋचा मिश्रा ने करीब सवा दस बजे कोरोनारोधी टीका लगवाया। इन्हें यहां पर मौजूद एएनएम सत्यप्रभा ने टीका लगाया। उन्होंने बताया कि टीका लगवाने के बाद किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई। इसलिए सभी से अपील है कि कोरोना की चेन को तोड़ना है तो टीका लगवाना जरूरी ह। सभी को टीका लगवाने के लिए आगे आना चाहिए तभी हम कोरोना पर विजय पाने में सफल होंगे।
कोरोना टीका लगवाने के बाद सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने कहा कि कोरोना से जंग जीतने के लिए टीका लगवाना बहुत जरूरी है। मुझे टीका लगवाने के बाद किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई है, इसलिए मैं अन्य लोगों से भी अपील करता हूं कि टीका लगवाएं तथा जिनका नाम लिस्ट में हैं उन्हें भी टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित करें। टीका लगवाने से न तो कोई दिक्कत होगी और न ही इसका कोई साइड इफेक्ट है, इसलिए टीका जरूर लगवाएं।
फाइलेरिया निरीक्षक केके गुप्ता ने बताया कि उन्हें टीका लगे हुए करीब एक घंटे से अधिक का समय हो गया है लेकिन कोई दिक्कत नहीं हुई। कहा कि उनके साथ जो लोग टीका लगवाने के लिए आए थे, उनका उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिनका नाम लिस्ट में है, उन्हें टीका लगवाने के लिए आगे आना चाहिए।
सीएचसी रामनगर के अधीक्षक डॉ. राजीव दीक्षित ने टीका लगवाने के बाद कहा कि कोरोना का यह टीका हमारे देश के वैज्ञानिकों ने बनाया है इसलिए टीके को लेकर किसी प्रकार का संदेह नहीं करना चाहिए। यह टीका पूरी तरह से स्वदेशी है और सुरक्षित है। इसलिए लोगों को बढ़-चढ़कर कोरोना का टीका लगवाना चाहिए।
जिला अस्पताल में 72, जिला महिला अस्पताल में 170, सीएचसी रामसनेहीघाट में तीन सौ, हिंद अस्पताल में 167, मेेयो अस्पताल में 284, सीएचसी सतरिख में दो सौ, हैदरगढ़ में 250, त्रिवेदीगंज में दो सौ, सिद्धौर में दो सौ, जाटा बरौली में 190, बड़ागांव में 186, दरियाबाद में 150, सिरौलीगौसपुर में 173, देवा में 172, कुर्सी में 207, रामनगर में 195, सूरतगंज में दो सौ और फतेहपुर में 197 लोगों को टीका लगाया गया।
सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया कि तीसरे चरण में जिले के 18 केंद्रों पर पहले दिन 38 सौ में से 3513 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना का टीका लगाया गया। इस दौरान कहीं से किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है। जिस लोगों को टीका लगा, वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इसलिए टीका लगवाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए क्योंकि कोरोना का टीका पूरी तरह से सुरक्षित है।