बाराबंकी। सीजेएम नंद कुमार ने धोखाधड़ी के मामले में गुरुवार को अभियुक्त को चार वर्ष के कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सहायक अभियोजन अधिकारी धीरानंद श्रीवास्तव ने बताया कि थाना सतरिख के ग्राम छेदानगर निवासी दिनेश चंद्र को करीब पांच वर्ष पूर्व मकदूमपुर में किराये पर रहने वाले रामबली ने बताया कि वह डीएम के यहां चपरासी है और उसके पुत्र संदीप को डीएम फैजाबाद के यहां चपरासी पद पर लगवा देगा।
कुछ दिन बाद कहा कि करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च आएगा। इस पर दिनेश ने पचहत्तर हजार रुपये रामबली को दिये। नौकरी न मिलने पर उसने रुपये वापस मांगे तो उसने देने से मना कर दिया। तब उसने केस दर्ज कराया था। मामले का निस्तारण करते हुए न्यायालय ने अभियुक्त रामबली को यह सजा भुगतने का आदेश पारित किया। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि वह पीड़ित को प्रतिकर के रूप में पचासी हजार रुपये दो किश्तों में अदा करे। (संवाद)