बाराबंकी। इस वर्ष अक्तूबर माह में 67 मिलीमीटर अधिक बारिश हुई। यह बारिश आने वाली रबी फसलों के लिए तो फायदेमंद है मगर धान की बची फसल के लिए नुकसानदायक रही है।
जिला आपदा प्रबंधन अनुभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल अक्तूबर-2024 में सात अक्तूबर को रामसनेहीघाट व हैदरगढ़ तहसील क्षेत्र में 3.83 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इससे फसलों को नुकसान नहीं हुआ था।
इस वर्ष दो, चार, पांच, सात, 28, 29, 30 व 31 अक्तूबर को बारिश हुई। जिसमें 30 तारीख को सबसे ज्यादा बारिश हुई। अक्तूबर में जिले की कुल औसत बारिश 70.83 मिलीमीटर दर्ज की गई। नवाबगंज तहसील में 32, रामसनेहीघाट में 36, फतेहपुर में 60, हैदरगढ़ में 20, रामनगर में 36 व सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में 30 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई। इस बारिश ने धान की करीब 15 प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचाया। तमाम किसानों के खेतों में धान की फसल कटी पड़ी थी, जो बारिश की वजह से खेत से उठ नहीं सकी। तीन दिन लगातार भीगने से कई किसानों के खेतों में ही धान की बालियों में अंकुर फूट आए। किसान इस फूटे अंकुर को अपनी किस्मत फूटना कह रहे हैं। हालांकि हरख ब्लॉक के दौलतपुर के प्रगतिशील किसान पद्मश्री रामसरन वर्मा का कहना है कि सरसों, चना, मटर, मसूर व आलू की जो फसलें अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह बारिश के बाद बोई जा रही हैं, उन खेतों में अच्छी नमी रहेगी। जो फसल के लिए फायदेमंद होगी।