बाराबंकी। सरयू नदी में सनावां के पास करीब तीन किलोमीटर के दायरे में प्रवाह बढ़ाने के लिए ड्रेजिंग का काम कारगर रहा है। यह कहना इसलिए गलत न होगा क्योंकि इस बार बीते वर्ष के सापेक्ष खेतों की कटान बहुत कम हुई है।
बीते वर्ष 108 हेक्टेयर जमीन रामनगर तहसील क्षेत्र में कटी थी। इस बार रामनगर व रामसनेहीघाट दोनों तहसील क्षेत्रों में 17.4252 हेक्टेयर जमीन ही कटी है। बीते साल बाढ़ के समय धान की काफी फसल बर्बाद हुई थी। फसल क्षतिपूर्ति के रूप में छह हजार 817 किसानों को तीन करोड़ 77 लाख 75 हजार रुपये दिये गए थे। वहीं, खेती लायक जमीन कटने के मुआवजे के रूप में 255 किसानों को 51 लाख 20 हजार 195 रुपये दिए गए थे।
इस बार फसल नुकसान की कोई रिपोर्ट तहसीलों से जिला आपदा कार्यालय नहीं भेजी गई। रामनगर तहसील क्षेत्र में 9.9442 व रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र में 7.4810 हेक्टेयर जमीन में कटान हुई है। खेती लायक जमीन की हुई कटान की क्षतिपूर्ति के बदले आठ लाख 56 हजार रुपये 62 किसानों को दिए गए हैं। एडीएम निरंकार सिंह का कहना है कि तहसीलों से नुकसान व कटान की जो भी रिपोर्ट मिली, उसी के आधार पर क्षतिपूर्ति दी गई।