बाराबंकी। लखनऊ से बाराबंकी के बीच दूसरी व तीसरी रेल लाइन बिछाने का काम अगले साल तक पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही अब बाराबंकी-बुढ़वल-गोंडा के बीच तीसरी रेल लाइन भी बिछाई जाएगी। बुधवार को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने मंडल के अधिकारियों व इंजीनियरों की टीम के साथ लखनऊ से बाराबंकी तक रेलखंड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अमृत भारत योजना के तहत निर्माणाधीन बाराबंकी रेलवे स्टेशन का सघन निरीक्षण किया और इसे 2026 तक पूरी तरह से तैयार करने के निर्देश दिए।
दिल्ली से आए महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा ने डीआरएम लखनऊ सचिंद्र मोहन शर्मा के साथ बुधवार सुबह लखनऊ के मल्हौर से विशेष निरीक्षण यान से बाराबंकी रवाना हुए। खिड़की से उन्होंने रास्ते में तीसरी और चौथी लाइन के बिछाए जाने के लिए जमीन की पटाई, पुल निर्माण और अन्य संरचनात्मक कार्यों का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने उन्हे जानकारी दी कि लखनऊ से बाराबंकी के बीच दूसरी व तीसरी रेन लाइन का काम प्रगति पर है। दो साल से चल रहा काम अब बाराबंकी तक पहुंचने वाला है। बाराबंकी पहुंचने के बाद श्री वर्मा ने यहां अमृत भारत योजना के तहत 36 करोड़ की लागत से बन रहे रेलवे स्टेशन के निर्माणाधीन भवन का हाल देखा। जिसमें आधे से अधिक पुराना ढांचा तोड़ा जा चुका है।
महाप्रबंधक ने कहा कि बाराबंकी प्रमुख जंक्शन हैं। इस स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है और इसे 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस दौरान बाराबंकी से गोंडा के बीच तीसरी लाइन बिछाने की योजना पर चर्चा की। इस मौके पर निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि, इंजीनियरिंग और ऑपरेशन विभाग के अधिकारी, स्टेशन अधीक्षक अरुण रायजादा आदि मौजूद रहे।
फिर उठा बंकी रेलवे क्रासिंग का मुद्दा
महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा बाराबंकी पहुंचे तो लोगों ने उनसे एक बार फिर स्टेशन के पास ही पड़ने वाली बंकी रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग की। अधिकारियों ने भी जीएम को बताया कि बंकी कस्बा व उधर के करीब 25 गांवों के लोगों के लिए शहर आना जाना मुश्किल है। क्योंकि यह क्रासिंग 24 घंटे में सवा सौ बार से अधिक बंद होती है। ओवरब्रिज का प्रस्ताव लंबित है। इस पर जीएम ने जल्द ही आदेश जारी करवाने का आश्वासन दिया।