बाराबंकी। वर्ष 2002 में शहर के जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज (जनेस्मा) के प्राचार्य डाॅ. विशेष कुमार सिंह की हत्या के मामले में दोषी की रिहाई निरस्त हो गई है। प्रोबेशन एक्ट के तहत जेल में सजा काट रहे हत्यारे राजेश यादव की समय से पूर्व रिहाई की प्रक्रिया शुरु हुई थी। लेकिन चंदौली जिले के डीएम व एसपी की रिपोर्ट पर शासन स्तर पर गठित कमेटी ने दोषी की समय पूर्व रिहाई की प्रक्रिया को खारिज कर दिया है।
10 अगस्त 2002 को जनेस्ता कॉलेज के चौकीदार चंदौली जिला के धामापुर थाना क्षेत्र के रायपुर गांव निवासी राजेश यादव ने वेतन को लेकर हुए विवाद के कारण प्राचार्य पर फरसे से हमला कर, उनकी हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी करार मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी। अब तक वह 22 साल से अधिक की सपरिहार सजा काट चुका है और वर्तमान में वाराणसी जेल में बंद है। उसने अपनी अब तक की सजा और आचरण की बिनाह पर प्रिजनर्स रिलीज ऑन प्रोबेशन एक्ट की धारा प्रोबेशन एक्ट 1938 की धारा 38 के तहत समय से पूर्व रिहाई का आवेदन किया था।
वाराणसी जेल प्रशासन ने यह आवेदन शासन को भेजा था। चंदौली के डीएम एसपी ने शासन को भेजी गई रिपोर्ट में कहा कि समय पूर्व रिहाई से न्याय प्रणाली के प्रति गलत संदेश जाएगा। इसके बाद शासन स्तर से संयुक्त सचिव शिव गोपाल सिंह ने कारागार प्रशासन को पत्र भेज कर रिहाई प्रक्रिया को निरस्त किए जाने के संबंध में जानकारी दी है। अब दोषी को जेल में रहकर सजा पूरी करना होगी।