बाराबंकी। अपहरण के मामले में युवती के बयान से मुकर जाने के बाद अदालत ने आरोपी युवक को दोषमुक्त करार माना है। सुनवाई के दौरान युवती के बालिग होने और अपनी मर्जी से युवक के साथ जाने की बात साबित होने के साथ मौजूद साक्ष्य व गवाही के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश कीर्ति माला सिंह की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
मामला सफदरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 15 अक्तूबर 2018 को एक व्यक्ति ने अपनी 16 वर्षीय पुत्री को गांव के ही सईर्दुरहमान द्वारा फुसलाकर साथ ले जाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने युवती की उम्र की जांच कराई, जिसमें वह 18 वर्ष की बालिग पाई गई। मामले की सुनवाई के दौरान युवती ने अदालत में दिए बयान में कहा कि पुलिस के सामने उसने जो आरोप लगाए थे, वह पिता के दबाव में थे।
उसने बताया कि वह और सईर्दुरहमान एक-दूसरे से प्रेम करते थे लेकिन परिजनों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। इसके बाद दोनों अपनी इच्छा से लखनऊ चले गए थे। जहां, पुलिस ने उन्हें खोज निकाला। युवती ने अदालत को यह भी बताया कि युवक ने उसके साथ कोई गलत संबंध नहीं बनाए और न ही किसी प्रकार की धमकी दी।