मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश राजस्व (प्रशासनिक) अधिकारी संघ के आह्वान पर तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने कार्य बहिष्कार किया जिससे मंगलवार को तहसील दिवस का दिन होने के कारण फरियादियों की समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तहसीलदार सदर और संघ के जिलाध्यक्ष अजय उपाध्याय ने कहा कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार का पद ऐसा पद है जो गांव में निचले स्तर पर मौजूद रहकर जनसमस्याओं के निराकरण का कार्य करता है।
इसके अलावा प्रशासनिक पद पर होने के बावजूद कई ऐसे कार्य भी लिए जाते हैं जो अधिकारी करने से कभी पीछे नहीं हटते हैं। इन सबके बाद भी हम लोगों की मांगों को दरकिनार किया जा रहा है। हम लोगों का ग्रेड पे 42 सौ रुपये हैं इसमें 6 सौ रुपये और बढ़ाए जाने की मांग की गई थी जिससे शासन स्तर पर स्वीकार नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि पीसीएस संवर्ग से चयनित होकर आने वालों अधिकारियों के कार्य में हम लोग पूरा सहयोग करते हैं। यह पद पीसीएस संवर्ग से जुड़ा होने के बाद भी इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। मात्र एक वेतन वृद्धि ही मिलती है।
वेतन विसंगतियों को दूर नहीं किया जा रहा है। इस मौके पर प्रांतीय उपाध्यक्ष अनुराग सिंह, तहसीलदार प्रवीण कुमार, प्रेमचन्द्र मौर्य, शिवमूर्ति सिंह, महेन्द्र कुमार, मनोज सिंह, नायब तहसीलदार तपस्या यादव, कविता ठाकुर, प्रज्ञा सिंह, संजय यादव, संदीप त्रिपाठी, बृजेश कुमार, मो. हारुन आदि मौजूद रहे।