हैदरगढ़ (बाराबंकी)। गोमती नदी के तट पर औसानेश्वर महादेव मंदिर परिसर में रविवार की रात हुए हादसे के बाद भी बिजली विभाग के जिम्मेदार उदासीन बने हैं। इसके चलते ही मंदिर परिसर के ऊपर से होकर गुजरी एचटी लाइन के तारों के नीचे सुरक्षा जाली लगाने का काम अधूरा पड़ा है। उधर, सावन में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में फिर से जुटने लगी है।
बिजली निगम ने मंगलवार को मंदिर के सामने रौनी-बारा मार्ग के बगल से निकली एचटी लाइन के नीचे सुरक्षा जाल लगाकर सुरक्षित करने का कार्य किया, लेकिन यह कार्य मुख्य गेट से मंदिर के सामने तक ही सिमटा रहा। जबकि मंदिर के आगे रौनी तथा गढ़ी गांव की ओर गई एचटी लाइन के नीचे सुरक्षा जाल लगाया जाना बाकी है। बिजली निगम के कर्मचारी काम अधूरा छोड़कर ही चले गए हैं।
मंदिर के सामने पोल पर रखे ट्रांसफार्मर के चारों तरफ भी सुरक्षा जाली का कोई घेरा नहीं बना है। पोल से तारों के बीच से निकले दो स्टेवायर नीचे जमीन तक आते हैं। इसके बावजूद यहां से आगे गए तारों में सुरक्षा जाली नहीं लगाई गई है। वहीं जिस टिनशेड में करंट उतरने से दो लोगों की मौत हुई हुई थी, उस टिनशेड के नीचे लगे पंखे व लाइटों के साथ पूरी वायरिंग उखाड़ने के बाद अब नई वायरिंग करने का काम भी बुधवार को शुरू नहीं हो पाया।
रविवार रात हुए हादसे के बाद बुधवार को औसानेश्वर महादेव मंदिर में स्थिति पूरी तरह सामान्य रही। आम दिनों की भांति सुबह से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था जो शाम तक चलता रहा। इस दौरान दिन में कनवा गावं के एक परिवार द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ भोलेनाथ का रुद्राभिषेक भी कराया। सुरक्षा के दृष्टिगत हैदरगढ़ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अभिमन्यु मल्ल पुलिस बल के साथ पूरे दिन परिसर में मौजूद रहे।