सूरतगंज (बाराबंकी)। स्वामित्व योजना के तहत सूरतगंज ब्लॉक के एक गांव के मात्र 20 लोगों को घरौनी बांटने के कार्यक्रम में 80 हजार रुपये खर्च कर देने का मामला सामने आया है। सूतरगंज ब्लॉक सभागार में आयोजित हुए कार्यक्रम में खर्च धनराशि की बंदरबांट के लिए कागजों में इसका आयोजन मैदान में टेंट लगा कर किया जाना दर्शाया गया। इसके आधार पर टेंट कनात लगाने व कुर्सियां इत्यादि मंगाने के नाम पर हजारों की धनराशि ग्राम पंचायत निधि खाते से निकाल ली गई।
बीकेपुर गांव के लोगों को घरौनी वितरित करने के लिए सूरतगंज ब्लॉक सभागार में चार अप्रैल 2025 को एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। मौके पर गांव के 20 लोगों को ही घरौनी बांटी गई थी। शेष लोगों को गांव में जाकर घरौनी वितरित करने की बात कही गई। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख पति, बीडीओ, नायब तहसीलदार सहित अन्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम आयोजित कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की थी। इसलिए इसका खर्च भी ग्राम पंचायत निधि से किया गया था।
आयोजन से जुड़े जो बिल-बाउचर प्रस्तुत किए गए हैं, उसमें प्रति व्यक्ति नाश्ता खर्च पर 210 रुपये के हिसाब से 11,970 रुपये का बिल प्रस्तुत किया गया। जबकि मौके पर केवल 15 रुपये खर्च कर एक चाय व समोसा ही नाश्ते में दिया गया था। इसी तरह फूलमाला पर 3,620 रुपये, वीआईपी नाश्ते के लिए 1,730 रुपये तथा प्रोजेक्टर व साउंड सिस्टम पर खर्च के लिए 2,350 रुपये का बिल सादे कागज पर बनाकर सूरतगंज के बैजू को कुल 21 हजार रुपये का भुगतान किया गया।
आयोजन के दौरान मैदान में टेंट लगाने से लेकर लाइट, कुर्सी, मेज व मैट बिछाने पर 58,850 रुपये का बिल प्रस्तुत किया गया। यह बिल सूरतगंज निवासी सुनील कुमार के नाम बना है। इस तरह 20 लोगों की घरौनी बांटने में 79,850 रुपये का भुगतान पंचायत खाते से कर लिया गया। मामला उजागर होने के बाद अब विकास खंड कार्यालय से लेकर संबंधित पंचायत में हड़कंप है।
सीडीओ अन्ना सुदन ने बताया कि घरौनी वितरण कार्यक्रम के नाम पर मनमाने तरीके से सरकारी धन का दुरुपयोग किए जाने की शिकायत मिली है। इसकी जांच काई जाएगी। जांच में दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई होगी।