बाराबंकी आए दूल्हे के परिजन और रिश्तेदार तथा तथा दुल्हन व उनके परिजन।
- फोटो : बाराबंकी आए दूल्हे के परिजन और रिश्तेदार तथा तथा दुल्हन व उनके परिजन।
बाराबंकी। करीब 6550 किलोमीटर दूर जर्मनी से बारात बाराबंकी शहर पहुंची तो हर कोई उत्साहित हो गया। दूल्हा और उसके परिजन सभी विदेशी थे, लेकिन शादी की हर रस्म भारतीय परंपरा के अनुरूप निभाई गई। घर की महिलाओं ने मेहंदी रचाई, महावर लगाया और देसी धुनों पर जमकर थिरकीं। सनातन धर्म की सभी विधि-विधानों के साथ विवाह संपन्न हुआ और विदेशी दूल्हा बाराबंकी की बेटी को विदा कर अपने साथ ले गया। यह विवाह इन दिनों जिले में चर्चा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
शहर के सिविल लाइन क्षेत्र निवासी रेलवे में इंजीनियर राजकुमार वर्मा की पुत्री रुलन वर्मा ने जर्मनी से पीएचडी की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में वह ऑस्ट्रिया के वियाना विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं। इसी दौरान उनकी मुलाकात जर्मनी के एक युवक से हुई, जो समय के साथ प्रेम संबंध में बदल गई।
विवाह के लिए दूल्हा 20 फरवरी को अपने परिवार के 16 सदस्यों के साथ भारत पहुंचा। बाराबंकी के एक प्रतिष्ठित होटल में आयोजित समारोह में हल्दी, मेहंदी, जयमाला सहित सभी रस्में सनातन धर्म रीति-रिवाज से संपन्न कराई गईं। इस अवसर पर विदेशी दूल्हा भारतीय शेरवानी में नजर आए।
दुल्हन के चाचा आरसी पटेल ने बताया कि यह परिवार के साथ-साथ पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है कि बाराबंकी की प्रतिभाएं वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने बताया कि जर्मनी से आए मेहमानों को भारतीय परिधान, विशेषकर साड़ियां, और यहां का खान-पान बेहद पसंद आया।
हालांकि विदेशी मेहमानों को हिंदी का ज्ञान नहीं था, लेकिन भारत के प्रति अपने स्नेह को व्यक्त करते हुए वे ‘आई लव माई इंडिया’ कहते नजर आए।
पूरे हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न इस विवाह के बाद दुल्हन अपने पति के साथ जर्मनी के लिए रवाना हो गई।