मंगलवार को हो रही तेज धूप से बचने के लिए कुछ इस तरह सिर पर दुपट्टा ओढ़ कर निकलीं युवतियां।
बाराबंकी। मौसम के तेवर तीखे होने लगे हैं, इसके साथ ही तापमान भी बढ़ने लगा है। इससे लोगों को अभी से ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिन में लोग चेहरा ढककर घरों से बाहर निकलने लगे हैं। बाजार में युवतियां भी चेहरे को दुपट्टे से ढककर जाती दिखाई दीं।
मौसम का पारा लुढ़कने के बाद फिर से चढ़ने लगा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में उतार-चढ़ाव का क्रम आगे भी जारी रहेगा। 21 और 22 मार्च को बारिश के आसार बन रहे हैं। तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
मौसम विभाग की इस भविष्यवाणी से किसान भी फसलों को लेकर चिंतित हैं। गेहूं की फसल पककर तैयार है और किसान उसकी कटाई की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में यदि बारिश होती है तो किसानों के अरमानों पर पानी फिरना तय है। उधर, मौसम में आए बदलाव से लोगाें को भी दिक्कतें होने लगी हैं। सुबह से ही धूप तेज रही और दिन चढ़ने के साथ ही और चटख होती गई। इससे दोपहर में लोग छांव की खोज में इधर-उधर भटकते दिखाई दिए।
गर्मी से निपटने के लिए पावर कार्पोरेशन ने गठित की टीम
बाराबंकी। गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने के कारण अक्सर ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर फुंक जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। इसके मद्देनजर पावर कार्पोरेशन ने निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए कमर कस ली है। एक्सईन की अगुवाई में तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें प्रतिदिन क्षेत्र में जाकर चिह्नित ट्रांसफार्मरों की जांच करेंगी और मरम्मत का कार्य भी करेंगी।
जिले में 90 ट्रांसफार्मरों को चिह्नित किया गया है, जिनमें कार्यशाला खंड द्वारा ट्रांसफार्मर ऑयल (तेल) डालने का कार्य किया जाएगा। इससे गर्मी में ओवरलोड के कारण फुंकने की संभावना कम हो जाती है। वहीं, पुराने और क्षतिग्रस्त तारों को दुरुस्त करने का किया जाएगा। इसके तहत ढीले तारों को कसने, टूटे हुए तारों को बदलने और अन्य जरूरी सुधार कार्य किए जाएंगे अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्र मौर्य ने बताया कि शहर मेेंं उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के उद्देश्य से टीम बनाई गई है। निश्चित तौर पर बीते वर्षों की अपेक्षा बेहतर बिजली मिलेगी।