- डीएम की अध्यक्षता में फतेहपुर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन
फोटो- 17
संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी। समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए सोमवार को फतेहपुर तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता डीएम शशांक त्रिपाठी ने की, जिसमें पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय भी उपस्थित रहे। इस दौरान निराश्रित महिला की फरियाद पर जहां उसे पेंशन योजना का लाभ दिलाया गया। बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत प्रतिमाह ढाई हजार रुपये का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
डीएम ने पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर तत्काल राहत प्रदान की। डीएम को फूलकुमारी ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद दो बच्चों के भरण-पोषण में दिक्कत आ रही है। जिस उसे पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30,000 रुपये की एकमुश्त सहायता दी गई। साथ ही, 1000 रुपये प्रतिमाह निराश्रित महिला पेंशन और बच्चों को 2500 रुपये प्रति बच्चा प्रतिमाह मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से दिए जाने के निर्देश दिए गए। उनकी पुत्री को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और अन्त्योदय राशन कार्ड बनवाने के निर्देश भी दिए गए। इसी प्रकार, पुष्पा देवी के नाबालिग पुत्र को भी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से लाभान्वित किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भूमि विवाद, राशन कार्ड और पेंशन जैसे मामलों के प्राथमिकता से निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने को प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी बताया।
बाक्स
291 में 43 का निपटारा
जिले की सभी छह तहसीलों में कुल 291 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। 43 शिकायतों का तत्काल निपटारा कराया गया। फतेहपुर तहसील में 78 प्रार्थना पत्रों में से 10 का मौके पर निस्तारण हुआ। शेष प्रार्थना पत्रों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। रामसनेहीघाट में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में 41 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से पांच का निस्तारण हुआ। सिरौलीगौसपुर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 19 प्रार्थना पत्रों में से 11 का निस्तारण किया गया। रामनगर में ज्वाॅइंट मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में 38 प्रार्थना पत्रों में से पांच शिकायतों का निस्तारण हुआ। नवाबगंज में 66 प्रार्थना पत्रों में से आठ और हैदरगढ़ में 49 में से चार शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया।
बाक्स
शिकायत के बाद दर्ज की गई रिपोर्ट
सुबेहा। इस्माइलपुर गांव की दिव्यांग मिथिलेश कुमार रावत ने बताया 22 मार्च की शाम को गांव के खलील की 12 वर्षीय पुत्री तालाब के पास बकरियां चरा रही थी। गांव के पंकज कुमार की पत्नी शिवमती पहुंची और पेड़ चराने के आरोप पर खलील की पुत्री को मारने लगी। विरोध करने पर पीटा। शिकायत पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई नहीं की। सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की थी। प्रभारी निरीक्षक यशकांत सिंह ने बताया रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। संवाद