सैदनपुर/त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। सिरौलीगौसपुर के दरिगापुर व त्रिवेदीगंज के जौरास गांवों में पिछले कई दिनों से आतंक का पर्याय बने बंदरों की धरपकड़ नहीं हो पा रही है। हमलावर बंदर अब तक करीब एक दर्जन लोगों को काट कर जख्मी कर चुके हैं। दरियापुर में बंदर पकड़ने के नाम पर वन विभाग के जिम्मेदार सिर्फ कागजी कार्रवाई में उलझे हैं। वहीं जौरास में एसडीएम के आदेश के बाद चेते वन विभाग ने हमलावर बंदर को पकड़ने के लिए दो टीमे भेजी लेकिन फिलहाल उत्पाती बंदर उनकी पकड़ से दूर बने हैं।
तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के दरिगापुर गांव के नवीन वर्मा (27) को शनिवार को बंदर ने हमला कर जख्मी कर दिया। इलाज के लिए नवीन को लखनऊ के बलरामपुर हॉस्पिटल में दो दिन भर्ती रहना पड़ा था। इसी तरह बीते मंगलवार को सुमित (19) को स्कूल जाते समय एवं आकाश( 24) को खाना लेकर खेत जाते समय बंदर ने हमला कर जख्मी कर दिया था। जबकि तारापुर निवासी रामनारायण यादव रविवार को बदोसराय जाते समय दरिगापुर में व शाहगढ़ निवासी चंदराम आटा चक्की पर जाते समय बंदर के हमले का शिकार बन चुके हैं। ग्रामीणों की शिकायत वन विभाग की ओर से टीम के नाम पर एक सिपाही भेज दिया जाता है, जो कुछ देर तक इलाके में टहल घूमने के बाद वापस चला जाता है। हालांकि डीएफओ आकाशदीप का दावा है कि टीम भेजकर हमलावर बंदर को पकड़वाने का प्रयास किया जा रहा है।
जौरास गांव में भी बंदर के हमले में एक सप्ताह में आठ लोग जख्मी हो चुके हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर मंगलवार को एसडीएम अनुराग सिंह ने वन क्षेत्राधिकारी से बात कर उत्पाती बंदरों को पकड़ने का निर्देश दिया। इसके चलते ही बुधवार को वन रेंजर राकेश तिवारी टीम के साथ गांव पहुंचे। टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर जौरास, पूरे भित्ती, छबील चौकी सहित गोमती के किनारों पर हमलावर बंदर की तलाश की लेकिन एक भी बंदर टीम के हाथ नहीं लगा। रेंजर ने बताया हमलावर हो चुके बंदर को पकड़ने जाने तक टीम गांव में रहेगी।