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Barabanki News: व्यवस्था ही जानलेवा, एक भी ब्लैक स्पॉट को सुधारा नहीं गया

Wed, 19 Mar 2025 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। जिले की सड़कें हादसों में खून से लाल हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी हादसों को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर काम करने के बजाय सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं। एक साल पहले शासन ने निर्देश दिए थे कि जिले के किसी एक ब्लैक स्पॉट को मॉडल के रूप में सुधारकर पेश किया जाए, लेकिन यह काम आज तक पूरा नहीं हो सका। अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा यह है कि बाराबंकी में बीते पांच सालों में 2,000 से अधिक लोगों की मौतें सड़क हादसों में हो चुकी हैं।
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हर 16 से 17 घंटे में एक जान जा रही है। 2023 में जब सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 447 तक पहुंच गई, तो शासन ने विशेष योजना बनाई थी। परिवहन, पुलिस, एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी तय की गई थी। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि सड़क हादसों में 50 प्रतिशत की कमी लानी ही है। लेकिन, हकीकत यह है कि दुर्घटनाएं कम नहीं हुईं और 2024 में मौतों की संख्या बढ़कर 527 हो गई।
बाराबंकी उन 20 जिलों में शामिल है, जहां सबसे अधिक सड़क हादसे हो रहे हैं। इसके मद्देनजर शासन ने अब सख्ती बरतते हुए 20 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबंधित विभागों से ब्लैक स्पॉट के उपायों और अब तक किए गए कार्यों का ब्योरा मांगा है। डीएम शशांक त्रिपाठी ने 19 मार्च की शाम तक पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया है।
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इन दुर्घटना बहुल जगहों की चर्चा तक नहीं
लखनऊ-अयोध्या हाईवे:
मोहम्मदपुर से लेकर सफेदाबाद, केवाड़ी मोड़, असेनी मोड़, कुरौली-आलापुर, गायत्री मंदिर, सतरिख, पैसार नाका, पल्हरी चौराहा, रामनगर तिराहा, चौपुला, शुक्लाई, उधौली, सफदरगंज चौराहा और दिलोना मोड़। बाराबंकी-बहराइच हाईवे:
सहावपुर, मसौली थाना क्षेत्र, नेवला करसंडा, घाघरा पुल, घाघरा घाट, चौका घाट चौराहा, गनेशपुर और केसरीपुर। लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे:
छबील चौकी, दहिला मोड़, मंगल का पुरवा चौराहा, त्रिवेदीगंज, बारहगंज, हैदरगढ़ कस्बा, भवनखेड़ा, गोसूपुर और चौबिसी। लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग:
अनवारी, अमरसंडा, कुर्सी चौराहा, अमरून चौराहा, राजकीय इंटर कॉलेज निदूरा, निदूरा चौराहा, टिकैतगंज, रीवां-सीवां, बड्डूपुर और नहर कोठी (सीतापुर बॉर्डर)।

जागरूकता माह में ही सबसे अधिक हादसे
हर साल नवंबर को यातायात जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है, लेकिन नवंबर, 2023 में ही सड़क हादसों में 49 लोगों की जान चली गई। आश्चर्य की बात यह है कि इस महीने हादसे सबसे अधिक हुए, जबकि मई में 38, फरवरी में 35 और अगस्त में 45 मौतें हुईं।
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