केंद्रीय कर्मचारियों की हड़ताल को राज्य कर्मचारियों द्वारा खुला समर्थन देने से ज्यादातर कार्यालय में सन्नाटा पसर गया। विकास भवन में किसी कर्मचारी को कार्य नहीं करने दिया गया। जिससे फरियादियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। वहीं बैंकों में हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बैंक, कोषागार और डाकघरों में बंदी के कारण लगभग साढ़े चार करोड़ का लेने-देन प्रभावित रहा।
केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर विभिन्न विभागों के केंद्रीय कर्मचारी शुक्रवार को पूरे दिन हड़ताल पर रहे। नेशनल पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के सचिव विष्णु कुमार मिश्रा व आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के सचिव प्रशांत वर्मा तथा बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन के सचिव संजय तिवारी के मुताबिक 12 सूत्री मांगों को लेकर केंद्रीय कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
केंद्रीय कार्यालयों के किसी भी कर्मचारी ने कार्य नहीं किया। कार्यालयों के बाहर धरना दे रहे कर्मचारी नेताओं ने बताया कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता है तब तक हम लोगों का आंदोलन जारी रहेगा।
प्रांतीय नेतृत्व के आदश्ेा पर राज्य कर्मचारियों ने केंद्रीय कर्मियों की हड़ताल का पूरा समर्थन किया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह और विकास भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मुस्तफा खां ने बताया कि हम कर्मचारियों की जायज मांगों को मानने के लिए भी सरकारें तैयार नहीं हैं। जिससे मजबूर होकर हम लोगों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अधिकतर विभागों में सन्नाटा पसरा रहा। यही हाल कोषागार का रहा पेंशन के लिए आए कई बुजुर्गों को वापस लौटना पड़ा। जिला अस्पताल में तैनात संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष केके मिश्रा ने बताया कि मरीजों के स्वास्थ्य को देखते हुए कर्मचारियों की हड़ताल का नैतिक समर्थन किया गया।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
कर्मचारियाें का कहना है कि न्यूनतम सैलरी 18 हजार रुपये, अनस्किल्ड वर्कर्स की दिहाड़ी न्यूनतम 692 रुपये, अनुकंपा के आधार पर नौकरी की सीमा हटे, तय अवधि में नौकरी मिलने, वर्करों को हायर एंड फायर की अनुमति न दिए जाने, खाली पड़े पदों पर भर्ती किए जाने, पुरानी पेंशन बहाली समेत कई मांगें हैं।
डाकघरों में दिन भर लटके रहे ताले
शहर स्थित डाकघर के प्रधान कार्यालय में केंद्रीय कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते धरना प्रदर्शन किया। यूनियन के सचिव विष्णु कुमार मिश्रा और प्रशांत वर्मा के नेतृत्व में कर्मचारी पूरा दिन हड़ताल पर रहे। नेशनल यूनियन के सचिव विष्णु कुमार मिश्रा ने बताया कि हड़ताल से पूरे जिले में डाकघरों में करीब दो करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। इस मौके पर सरफराज मेंहदी, आलोक कुमार, सुरेंद्र वर्मा, विकास मिश्रा, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
कोषागार में बमुश्किल बिके 30 लाख के स्टांप
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने बताया के हड़ताल के चलते कोषागार से प्रतिदिन बिकने वाले 60-70 लाख रुपये के स्टांप में से एक शुक्रवार को करीब 30 लाख रुपये के ही स्टांप बिक सके। वहीं बैंकों में स्टेट बैंक, कोआपरेटिव बैंक व आर्यावर्त ग्रामीण बैंक मुख्यालय पर खुले रहे। इनकों छोड़ दिया जाए तो अन्य बैंकों में कार्य नहीं हुआ। एलडीएम अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि बैंकों में हड़ताल की वजह से करीब दो करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन देन बैंकों में प्रभावित रहा। सभी विभागों की हड़ताल से पूरे जिले में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
बीएसएनएल कर्मचारियों ने भी बुलंद की आवाज
केंद्रीय आवाहन पर बीएसएनएल कर्मचारियों ने मुख्य दूरभाष केंद्र पर कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। यूनियन के जिला सचिव संजय कुमार तिवारी ने मांगों को लेकर कर्मचारियों का नेतृत्व करते हुए वर्ष 2014-15 व 2015-16 का बोनस दिलाए जाने, डीपीई की गाइडलाइन के अनुसार बेंज रिवीजन कमेटी गठित किए जाने, विनिवेशन किए जाने समेत कई मांगों को पूरा किए जाने की मांग की। इस मौके पर रामबक्श सिंह, रमेश वर्मा, विजय वर्मा, रामशंकर, हसन रजा, सरजू प्रसाद, प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।