शहर के लाजपतनगर मेंलोड़ी जलाते सीख परिवार के लोग।
बाराबंकी। सुंदरिए मुंदरिए हो… तेरा कौन विचारा हो… दुल्ला भट्टी वाला हो…पंजाबी लोकगीतों की गूंज, ढोल की थाप और अग्नि की लपटों के बीच लाजपत नगर मंगलवार को लोहड़ी के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया। गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा और रामजानकी मंदिर परिसर में सिख समाज ने लोहड़ी का पर्व पारंपरिक उल्लास और पंजाबी ठाठ के साथ धूमधाम से मनाया।
सुबह से ही पर्व का उत्साह छाया रहा। गुरुद्वारे में हुजूरी रागी जत्था भाई तीरथ सिंह ने कीर्तन ने संगत को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद केसरिया दूध का वितरण किया गया। वहीं रामजानकी मंदिर में पंडित सोनू तिवारी ने भगवान श्रीराम का विधिवत पूजन कराया, जहां भजन-कीर्तन की स्वर लहरियां गूंजती रहीं। देरशाम गुरुद्वारा में लोहड़ी की अग्नि प्रज्ज्वलित की गई। जैसे ही आग की लपटें उठीं, लोग खुशी से झूम उठे। तिल, गुड़, मूंगफली और रेवड़ी का प्रसाद बांटा गया। नवविवाहित जोड़ों ने अग्नि की परिक्रमा कर बड़े-बुजुर्गों से सुखद दांपत्य जीवन का आशीर्वाद लिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवक-युवतियों ने भांगड़ा और गिद्दा कर उत्सव को यादगार बना दिया। जिन घरों में हाल ही में शादियां हुई थीं, वहां लोहड़ी की रौनक कुछ खास रही। इस अवसर पर प्रधान भूपेंद्र सिंह, अनिल अग्रवाल, विनोद गाबा, राजदीप सिंह, हरप्रीत सिंह, राकेश उप्पल, तनप्रीत सिंह, मलकीत सिंह, करन पुरी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।