फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेहनत की चमक: पिता चलाते हैं फैक्ट्री में मशीन, बेटे ने पास की सीए की परीक्षा

Sat, 20 Jun 2026 01:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो तंगहाली भी मंजिलों का रास्ता नहीं रोक सकती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है क्षेत्र के शहरी इस्लामपुर गांव के दीपांशु तिवारी ने। दीपांशु ने देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक, भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान की फाइनल परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बृहस्पतिवार को जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, दीपांशु के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
विज्ञापन

दीपांशु की यह सफलता इसलिए खास है क्योंकि उनका यह सफर बेहद संघर्षों और अभावों से भरा रहा है। उनके पिता सरजू प्रसाद तिवारी हरियाणा के करनाल में एक फैक्ट्री में मजदूर हैं, जबकि मां गृहणी हैं। पिता की सीमित और मामूली आय के बावजूद दीपांशु ने अपनी पढ़ाई को कभी रुकने नहीं दिया। अपनी सफलता और संघर्ष पर उन्होंने विशेष बातचीत की-
सवाल: अपनी इस बड़ी सफलता का श्रेय आप किसे देना चाहेंगे।
दीपांशु: इसका पूरा श्रेय मेरे माता-पिता के त्याग और उनके विश्वास को जाता है। पिताजी ने फैक्ट्री में हाड़-तोड़ मेहनत की ताकि मेरी फीस समय पर भरी जा सके। मां ने हर परिस्थिति में मेरा हौसला बढ़ाया।
विज्ञापन

सवाल: सीमित संसाधनों के बीच इतनी कठिन परीक्षा की तैयारी कैसे की।
दीपांशु: आर्थिक तंगी हमेशा एक चुनौती थी, लेकिन मैंने इसे कभी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाया। मैंने तय कर लिया था कि माता-पिता के संघर्षों को जाया नहीं होने देना है। कड़ी मेहनत, अनुशासन और बिना रुके लगातार पढ़ाई ही मेरी रणनीति थी।
सवाल: युवाओं के लिए आपका क्या संदेश है।
दीपांशु: मैं बस यही कहूंगा कि आपकी परिस्थितियां कभी आपका भविष्य तय नहीं करतीं। अगर आपके पास लक्ष्य और उसे पाने की सच्ची लगन है, तो रास्ते अपने आप बनते चले जाते हैं। खुद पर भरोसा रखिए।


गांव में जश्न का माहौल
दीपांशु की इस सफलता से पूरे शहरी इस्लामपुर गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि दीपांशु ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या रईसी की मोहताज नहीं होती। पिता सरजू प्रसाद को फोन पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें