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Barabanki News: जांच तो दूर मौके पर भी नहीं पहुंचते जिम्मेदार

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बाराबंकी। संपूर्ण समाधान दिवस से लेकर थाना समाधान दिवस तक दौड़ लगाने के बाद भी फरियादियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। परेशानी से छुटकारा पाने के लिए महीनों अफसरों के आगे गिड़गिड़ाने के बाद भी पीड़ितों को अपनी परेशानी से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है।
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पीड़ितों का कहना है कि सुनवाई के दौरान अधिकारी निस्तारण के लिए आदेश तो कर देते हैं परन्तु इसके बाद नीचे के कर्मचारी समस्या दूर कराना तो दूर मौके पर जाना तक मुनासिब नहीं समझते हैं। इसी कारण संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतों की संख्या तो बढ़ती है लेकिन निस्तारण की स्थिति जस की तस बनी रहती है।
शनिवार को जिले की तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 513 शिकायतें आई। इनमें से सिर्फ 34 शिकायतों का निस्तारण ही मौके पर पक्षकारों की सहमति के आधार पर हो सका। रामनगर तहसील में शनिवार को सीडीओ एकता सिंह की अध्यक्षता संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया।
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खेत में से जबरन निकाला रास्ता
समाधान दिवस में पहुंचे किशुनदासपुर निवासी रामदुलारे ने बताया कि गाटा संख्या 346 उसका खेत है। हल्का लेखपाल ने विपक्षियों से मिलकर उसके खेत में से जबरन रास्ता निकाल दिया है। इससे हो रही परेशानी से छुटकारा पाने के लिए बीते कई माह से न्याय दिलाने की गुहार लगा रहा हूं लेकिन हर बार बस जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन ही मिलता है।
पुश्तैनी जमीन पर किया कब्जा
सूरतगंज निवासी सिराजुद्दीन ने सीडीओ को बताया कि गाटा संख्या 74 उसकी पुश्तैनी जमीन है। शब्बीर और वकील की जमीन भी इसी के बगल में स्थित है। इन दोनों ने राजस्व कर्मियों की साठगांठ से हमारी जमीन पर भी जबरन कब्जा कर लिया है। आठ बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
30 साल बाद कब्जे का इंतजार
समाधान दिवस में पहुंचे भगौली के आलोक कुमार ने बताया कि तीस साल पहले उसके पिता के नाम जमीन का पट्टा हुआ था। लेकिन उस जमीन पर आज तक कब्जा नहीं मिल सका। इस संबंध में लगातार शिकायत के बाद भी अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। एडीएम ने पीड़ित को तत्काल कब्जा दिलवाने का निर्देश दिया।
एक साल से नहीं मिली पेंशन
हैदरगढ़ के केल्हनुआ मजरे रौनी निवासी जदुरी ने बताया कि एक साल से उसके खाते में लाभार्थी पेंशन का एक भी पैसा नहीं आया है। शिकायत के बाद अधिकारी जांच कराकर पेंशन का पैसा खाते में भिजवाने का बस भरोसा ही जताते हैं। पेंशन राशि न मिलने से आर्थिक बदहाली परेशान कर रही है।
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