बाराबंकी। जिले के केडी. सिंह बाबू स्पोर्ट्स स्टेडियम में पिछले कई वर्षों से फुटबॉल कोच की तैनाती न होने से नाराज जूनियर फुटबॉल खिलाड़ियों ने महिला खिलाड़ी कोहिनूर के नेतृत्व में डीएम ईशान प्रताप सिंह से मुलाकात की और स्टेडियम में जल्द से जल्द कोच की तैनाती की मांग की। उन्होंने डीएम को बताया कि पहले जब कोच तैनात थे, तब रोजाना 80 से 90 बच्चे और बच्चियां प्रशिक्षण के लिए आते थे।
एक कथित विवाद के बाद कोच का स्थानांतरण अन्यत्र हो जाने से मैदान सूना हो गया और खिलाड़ियों की संख्या शून्य हो गई। यही नहीं, लंबे समय से खिलाड़ियों का न तो पंजीकरण किया जा रहा था और न ही उन्हें खेल उपकरण मिल पा रहे थे। इससे युवा खिलाड़ियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। कोच के अभाव में अल्प आयु वर्ग के प्रशिक्षुओं का खेल प्रशिक्षण पूरी तरह ठप पड़ा है।
डीएम ने खिलाड़ियों की समस्या को गंभीरता लेते हुए खेल निदेशक से फोन पर वार्ता कर शीघ्र फुटबॉल कोच की तैनाती की अपेक्षा की। डीएम ने खिलाड़ियों को आश्वस्त किया कि जल्द ही समस्या का समाधान होगा।
नवागत क्रीड़ाधिकारी का स्वागत
मंगलवार को केडी सिंह बाबू स्टेडियम पहुंचे खिलाड़ियों ने नवागत जिला क्रीड़ाधिकारी राकेश कुमार यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। खिलाड़ियों ने उनको भी खेल की समास्याओं से अवगत कराया। इस पर क्रीड़ाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि खिलाड़ियों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और उन्हें कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इस मौके पर कोहिनूर, श्रेष्ठ प्रताप सिंह, मोहतशिम अहमद, अस्तित्व मिश्रा, शुभ शर्मा, तेजस पाण्डेय, प्रथम रस्तोगी और हिमांश बंसल सहित कई खिलाड़ी उपस्थित रहे।