बाराबंकी। आलू भंडारण की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही। नतीजा ये कि आलू किसानों का दर्द दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। किसान जल्द से जल्द आलू स्टोरों में रखने के प्रयास में लाइन लगाए हुए हैं लेकिन उसकी समस्या का हल नहीं निकला पा रहा। अधिकारियों का दावा है कि स्टोरों में भंडारण की पर्याप्त क्षमता है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
जिले में इस वर्ष 19 हजार 500 हेक्टेयर में आलू की बोआई हुई। बेहतर पैदावार के चलते आलू का उत्पादन एक अनुमान के तहत 5 लाख 85 हजार एमटी हुआ। मौजूदा समय में जिले में करीब 50 कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं और इनकी भंडारण क्षमता 5 लाख 50 हजार है। विभाग की मानें तो करीब 1 लाख एमटी आलू खाने के लिए निकल जाता है और बचा 4 लाख 85 हजार एमटी आलू बचता है। यदि किसान एक भी आलू न बेचे तब भी कोल्ड स्टोरों में भंडारण की पर्याप्त क्षमता है।
किसानों का कहना है कि मौसम सही होने की वजह से इस बार आलू का उत्पादन बेहतर हुआ है। व्यापारी किसानों का आलू खरीद नहीं रहा है ऐसे में भंडारण ही एकमात्र विकल्प है। उधर कोल्ड स्टोर संचालकों ने टोकन बांट पहले ही स्टोर फुल होने के बोर्ड लगा दिए हैं। ऐसे में किसान अपना आलू लेकर जाएं तो कहां जाएं। यहीं वजह है किसान जल्द से जल्द आलू भंडारित करने के लिए स्टोरों के बाहर धक्के खा रहा है और आलू लदी ट्राॅलियां लिए लाइन में लगा है।
केवल 35 प्रतिशत आलू बचा है
किसानों के पास अब महज 35 प्रतिशत आलू भंडारित करने के लिए बचा है। 65 प्रतिशत आलू कोल्ड स्टोरों में भंडारित हो चुका है। अभी भी कोल्ड स्टोरों में पर्याप्त मात्र में जगह है। किसानों से बार-बार अपील की जा रही है कि उनका आलू हरहाल में स्टोरों में भंडारित करा दिया जाएगा, किसानों को स्टोरों के बाहर लाइन लगाने की कोई जरूरत नहीं। इसके बावजूद भी किसान मानने को तैयार नहीं है।
महेश कुमार श्रीवास्तव, जिला उद्यान अधिकारी