बाराबंकी। तीन दिनों से कोहरे का सितम बदस्तूर जारी है। शाम से पड़ने वाला कोहरा सुबह तक इतना घना हो जाता है कि दृश्यता शून्य हो जाती है। ऐसे में वाहन चालकों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। सूर्यदेव के दर्शन न होने से पूरे दिन धुंध का असर नजर आया। इस बीच चलने वाली शीतलहर से लोग कांपते रहे। हवा की सेहत बिगड़ने का सिलसिला भी जारी है।
जिले में बृहस्पतिवार की देर रात से ही कोहरा गिरना शुरू हो गया था। शुक्रवार सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। ऐसे में लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, किसान पथ, बाराबंकी बहराइच हाईवे पर वाहनाें की रफ्तार थमी रही। लोग हेडलाइट जलाने के साथ फॉग लाइट के सहारे जैसे-तैसे गंतव्य को पहुंचे। सुबह पांच से छह किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलनी शुरू हुईं तो कोहरा छंट गया, लेकिन शीतलहर ने कड़ाके की ठंड का अहसास कराया।
सरकारी-गैर सरकारी दफ्तरों एवं घरों में लोग अलाव, हीटर व ब्लोअर के सहारे ठंड से बचने का प्रयास करते रहे। एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स पर हवा की गुणवत्ता काफी खराब रही। हवा में प्रदूषण बृहस्पतिवार की अपेक्षा और खराब होकर 357 एक्यूआई पहुंच गया। ऐसे में सांस के रोगियों के लिए मुसीबतें बढ़ गई हैं। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान 20 डिग्री व न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।