बाराबंकी। अनुबंध की शर्तों के कारण निजी बस मालिक अपनी बसें परिवहन निगम में लगाने से बच रहे हैं। इस रस्साकसी का सीधा खामियाजा विभिन्न रूटों पर लगातार कम हो रही बसों की संख्या के कारण आम यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। जिले में अब तक 120 अनुबंधित बसों में से 27 बसें हट चुकी है। कई बसों के फेरे हो चुके हैं। इससे यात्रियों को भीषण गर्मी में गंतव्य तक पहुंचने के लिए बसों के लिए मारामारी करना पड़ रही है।
इसका सीधा लाभ डग्गामार वाहन संचालक उठा रहे हैं। बीते काफी समय से परिवहन विभाग 20 नई बसों को चलाने का दावा कर रहा है। इसके बावजूद अब तक सिर्फ तीन बसों का संचालन ही शुरू हो पाया है। ऐसे में यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। मजबूरी में उन्हें मनमाना किराया चुका कर परेशानी भरी यात्रा के लिए विवश होना पड़ रहा है। परिवहन निगम की तरफ से अनुबंध के कड़े नियमों और शर्तों केे कारण निजी बस मालिक अपनी बसों का अनुबंध करने से दूरी बना रहे हैं।
एआरएम जमीला खातून ने बताया कि बसों की संख्या बढ़ाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। बीस नई बसें आनी है जिसमें तीन बसें आ गई है। यात्रियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जल्द ही बसों की समस्या दूर हो जाएगी।
घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिलती सीट
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घंटों इंतजार के बाद बस आई तो इसमें इतनी भीड़ होती है कि बैठने के लिए सीट तक नहीं मिलती। पूरी यात्रा खड़े होकर ही करना पड़ती है। भीषण गर्मी में पेड़ की छांव के नीचे खड़े होकर बस का इंतजार करना भी मुश्किल भरा होता है।
- सर्वेश कुमार, यात्री
कब बस आएगी, पता नहीं
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पहले बस कुछ देर बाद मिल जाती थी, लेकिन अब तो घंटो इंतजार करना पड़ रहा है। कोई बताने वाला भी नहीं है कि बस कब आएगी। पूछताछ काउंटर पर भी बस के आने के बारे में पता नहीं चल सका।
- अमन द्विवेदी, यात्री