बाराबंकी। सात माह पहले ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। किसान तहसील के चक्कर लगाते रहे पर बजट होने के बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका। केंद्रीय ओलावृष्टि टीम के निरीक्षण की सूचना मिलते ही आननफानन में प्रशासन ने किसानों को मुआवजा बांटना शुरू किया। लापरवाही का आलम यह रहा कि मुआवजे की पहली बार मिले बजट का समय से वितरण न हो सका। इससे वित्तीय वर्ष के समाप्त होने पर यह बजट वापस लौट गया। बड़ी पैरवी के बाद दोबारा बजट मिला तो भी अधिकारियों की उदासीनता किसानों को परेशान करती रही।
दोबारा मिला बजट भी महीनों से तहसीलों के खाते में डंप पड़ा था। अब जब केंद्रीय टीम के आने की तारीख तय हुई तो जिम्मेदारों को मुआवजा बांटने की याद आई। जिले में बीते 13 मार्च को ओलावृष्टि व आंधी के बीच हुई बारिश से किसानों के खेतों में लहलहा रही फसल बर्बाद हो गई थी। विभागीय सर्वे के बाद शासन से 53 हजार 980 किसानों को 16 करोड़ चार लाख 42 हजार 802 रुपये की डिमांड की गई। इसमें 60 बड़े किसान भी शामिल हैं।
इसके सापेक्ष शासन से मिली धनराशि से 22 हजार तीन सौ चार किसानों को पांच करोड़ 54 लाख 72 हजार 459 रुपये का वितरण ही वित्तीय वर्ष 2019-20 के अंत तक हो पाया। समय से तहसील प्रशासन के अभिलेख न उपलब्ध कराने के कारण शेष धनराशि वित्तीय वर्ष की समाप्त होने के कारण वापस लौट गई। ऐसे में कई बार मांग के बाद दोबारा सरकार ने मुआवजे की धनराशि भेज दी। इसका आवंटन होने के बाद महीनों से यह धनराशि तहसीलों के खाते में पड़ी थी।
किसान मुआवजा पाने के लिए तहसील की चक्कर काटते रहे। इसी बीच केंद्रीय ओलावृष्टि टीम के जिले का निरीक्षण का कार्यक्रम आ गया। टीम को 15 अक्तूबर को आना प्रस्तावित है। ऐसे में आननफानन में 31 हजार 316 किसानों में मंगलवार तक 17 हजार 838 किसानों को तीन करोड़ 25 लाख 23 हजार 463 रुपये का मुआवजा का वितरण किया गया। इसमेें नवाबगंज तहसील के 4105, हैदरगढ़ के 5003, रामनगर के 8169 तथा सिरौलीगौसपुर के 561 किसानों को मुआवजे की धनराशि मिली। इन तहसीलों के अभी 13 हजार 823 किसानों को मुआवजे का वितरण करना शेष है।
केंद्रीय ओलावृष्टि टीम को 15 अक्तूबर को जिले में आने का कार्यक्रम मिला है। बीते मार्च मेें हुई ओलावृष्टि से हुए नुकसान के मुआवजे से वंचित किसानों का ब्यौरा आनलाइन फीड हो गया है। जल्द ही किसानों को मुआवजे की धनराशि मिल जाएगी।
- संदीप गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व बाराबंकी