त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। थाना लोनीकटरा क्षेत्र के दंपती की लखनऊ में हुए सड़क हादसे में हुई मौत के बाद मंगलवार शाम को दोनों का शव गांव पहुंचा। इस दौरान पूरे गांव में चीख पुकार मच गई। देर शाम गमगीन माहौल में दोनों की अर्थियां उठी। बुजुर्ग पिता ने एक ही चिता पर दोनों को मुखाग्नि दी तो सभी की आंखें नम हो गई।
लोनीकटरा थाना क्षेत्र के ग्राम लेसवा निवासी कुशमेश अपनी पत्नी आरती, पुत्री श्रद्धा (10), प्रियंका (5), प्रतिज्ञा (2) व पुत्र सौरभ (8) के साथ पिछले करीब 20 वर्षों से लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के शेखनापुर गांव में रहता था। सोमवार की शाम वह पत्नी व चारों बच्चों के साथ अपने पैतृक गांव आने के लिए शेखनापुर से निकला था। रास्ते में लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में नशे में धुत ट्रक चालक ने दंपती को रौंद दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। हादसे के दौरान मासूम प्रतिज्ञा के सिर में चोट आई थी, जबकि बाकी बच्चे बाल-बाल बच गए थे। पोस्टमार्टम के बाद दंपती का शव मंगलवार को दोपहर बाद तीन बजे गांव पहुंचा तो मृतक कुशमेश के बुजुर्ग पिता काली प्रसाद अपने पोते-पोतियों के साथ फफक-फफक कर रो पड़े। अर्थियां उठने के साथ पूरा गांव साथ चल पड़ा। रिश्तेदार-नातेदारों का हाल भी यह नजारा देखकर बेहाल था।
मृतक कुशमेश के परिवार में उसके बड़े भाई मुकेश, छोटा भाई मुनेश व रामू हैं। इनमें मुकेश व मुनेश लखनऊ में कपड़े का काम करते हैं। वहीं रामू गुजरात में रहकर नौकरी करता है। कुल मिलाकर पूरा परिवार रोज काम कर अपने परिवार के भरण पोषण का इंतजाम करता है। ऐसे में सवाल यह है कि इन मासूम बच्चों की देखरेख किसके जिम्मे होगी। बच्चों के ननिहाल में भी कोई नहीं है।