बाराबंकी। बदोसराय थाना क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका अपने ही विद्यालय के प्रधानाध्यापक के यौन शोषण से इतना परेशान हो गई है कि वह डिप्रेशन में चल रही है। उसने पुलिस को बताया कि वह नौकरी छोड़ने या आत्महत्या कर लेने के बारे में सोच रही है। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। वहीं, प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है।
सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के एक प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका लखनऊ से आती-जाती है। शिक्षिका ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि प्रधानाध्यापक कृपाराम की ओर से एक साल से उसका यौन शोषण किया जा रहा है। कभी उसे छूने की कोशिश करते हैं तो कभी जबरन अपने पास बैठाते हैं। अक्सर अकेले कमरे में बिना मोबाइल के उसे बुलाया जाता है। बीती 12 अगस्त को प्रधानाध्यापक की ओर से बच्चों के सामने ही हाथ पकड़कर खींचा गया और नृत्य करने के लिए कहा गया।
प्रधान के हस्तक्षेप के बाद माफीनामा दिया तो मामला शांत हुआ, लेकिन फिर भी वह अपने हरकतों से बाज नहीं आए। शिक्षिका ने बताया कि उसके पति हृदय रोगी हैं। इसलिए उनको कुछ नहीं बताती है। प्रधानाध्यापक की ओर से एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी भी दी जा रही है। शिक्षिका ने आरोप लगाया कि अपने विभाग के उच्च अधिकारियों से इस बारे में कई बार शिकायत की, मगर कार्रवाई नहीं की गई। बदोसराय की थानाध्यक्ष ज्योति वर्मा ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है।
बीएसए संतोष देव पांडेय ने बताया कि शिक्षिका से छेड़छाड़ के आरोपी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया हैं। उसके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।