सूरतगंज (बाराबंकी)। अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री व अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में जंगल राज है। अपराधियों के आगे सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। वह मंगलवार को तीन दिन पहले मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र में हुई शैलेंद्र मौर्य की हत्या के बाद गोड़ा गांव शोकाकुल परिवार से मिलने पहुंचे थे।
कहा कि 24 घंटे के अंदर प्रदेश में बाराबंकी के शैलेंद्र मौर्य समेत 13 हत्याएं हुईं हैं। सरकार कानून के साथ भेदभाव कर रही है। जितनी भी घटनाएं होती हैं, 90 प्रतिशत हत्यारे ठाकुर समाज के होते हैं। जबकि एससी व पिछड़ा वर्ग के लोगों के साथ हुई घटना में कार्रवाई तो दूर रिपोर्ट दर्ज नहीं होती। पूर्व मंत्री ने कहा कि घटना से पहले पीड़ित परिवार द्वारा हत्या की धमकी मिलने की सूचना थाने पर दी गई। अगर पुलिस इस सूचना पर आरोपितों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करती तो शैलेंद्र की जान बच भी सकती थी। गोड़ा में अपराधियों की दुकानें सरकारी जमीन पर बनी है। लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद पक्षपात के चलते अभी तक बुलडोजर कार्रवाई नहीं की गई। यदि कानून लागू कराने में इस तरह भेदभाव होगा तो ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।
मृतक की पत्नी को दी एक लाख की सहायता
पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मृतक शैलेंद्र के पिता सतीश चंद्र मौर्या और चाचा नरेंद्र मौर्या से बातचीत कर पूरी घटना की जानकारी ली। परिवार को ढांढस भी बंधाया। मृतक शैलेंद्र की पत्नी नीरू मौर्य को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी और न्याय दिलाएं जाने का भरोसा दिया। वहीं मौके पर एसपी अर्पित विजयवर्गीय से बातचीत कर आरोपितों के विरुद्ध अन्य विधिक कार्रवाई करने की बात कही।