बाराबंकी। रसूलपुर स्थित दूधेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ने श्रद्धालुओं के हृदयों को भक्तिपूर्ण ऊर्जा से भर दिया। वृंदावन से पधारे प्रवाचक अभिनव महाराज ने कहा कि जीवन भगवान का दिया हुआ अमूल्य उपहार है और इसे केवल भक्ति और ईश्वर की सेवा में समर्पित करना चाहिए। जब मनुष्य अपने कर्म और जीवन को प्रभु की भक्ति में लगाता है, तब भगवान स्वयं उसके कल्याण में सहायक बनते हैं और जीवन की हर बाधा दूर होती है। रविवार शाम कथा के दौरान मंदिर प्रांगण भक्ति-संगीत से गूंज उठा। अभिनव महाराज ने आगे बताया कि श्रीमद् भागवत कथा केवल एक सामान्य कथा नहीं है। यह वह अमर कथा है जिसे स्वयं भगवान शंकर ने माता पार्वती को सुनाई थी, और यही कारण है कि इसे अनंत काल तक जीवित और प्रभावशाली माना जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सुखदेव मुनि की वाणी से सुनकर राजा परीक्षित को मात्र सात दिन में मोक्ष मिला था। अभिनव महाराज ने सभी से आग्रह किया कि भक्ति केवल शब्दों तक सीमित न रहे, बल्कि इसे अपने जीवन के हर कर्म में आत्मसात करें। इस अवसर पर मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं में पुजारी दद्दन मिश्रा, यशी, उमाशंकर, मदन शुक्ला, रोहित द्विवेदी, विष्णु तिवारी, निधि तिवारी आदि मौजूद रहे।