बाराबंकी। कोटवाधाम कस्बे का मुख्य चौराहा रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के अद्भुत संगम का साक्षी बना। कृष्णा गौशाला परिसर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ से पहले श्रद्धालुओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों की गूंज के बीच निकली इस यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था।
सुबह से ही कथा स्थल पर भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। पीले वस्त्र धारण किए महिलाओं ने सिर पर कलश सजाए और पुरुष श्रद्धालु भगवा वस्त्र पहनकर हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष के साथ आगे बढ़ते दिखाई दिए। डीजे की भक्ति धुनों और ढोल की थाप पर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए आगे बढ़ते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने कलश में जल भरा और पुनः कथा स्थल की ओर लौटे। वापसी के दौरान श्रद्धालुओं ने खूब गुलाल उड़ाया और जमकर नृत्य किया। भक्ति, उल्लास और श्रद्धा का यह दृश्य ऐसा था मानो पूरा कोटवाधाम एक आध्यात्मिक उत्सव में सराबोर हो गया। श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। प्रयागराज के संगम से पधारे पीठाधीश्वर पंडित जयनारायण दास सात दिनों तक संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा सुनाएंगे। कोटवाधाम बड़ी गद्दी के महंत नीलेंद्र बख्श दास ने कहा कि यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर है। इस मौके पर एमएलसी प्रतिनिधि दुर्गेश दीक्षित, अमरेंद्र सिंह, कवि प्रेम दास, विनीत श्रीवास्तव, रामपाल विश्वकर्मा, रामकिशोर वर्मा आदि मौजूद रहे।