बाराबंकी। नगरपालिका परिसर में आयोजित बाराबंकी महोत्सव इस बार केवल मनोरंजन का केंद्र नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण और उद्यमिता की जीवंत मिसाल बनकर उभरा है। महोत्सव में लगे कुल 78 स्टॉलों में से 50 से अधिक का नेतृत्व महिलाओं द्वारा किया जाना उनके बढ़ते आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को रेखांकित कर रहा है।
यहां बाराबंकी के अलावा लखनऊ, सीतापुर और बहराइच जैसे पड़ोसी जिलों से आईं महिला उद्यमियों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया है। फैशन, स्किन केयर, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्वदेशी खाद्य सामग्रियों के स्टॉलों पर उमड़ रही भीड़ इन महिलाओं की मेहनत पर मुहर लगा रही है। संघर्ष की आंच में तपकर खुद को कुंदन सरीखा बनाने वाली इन स्वरोजगारी महिलाओं की सफलता अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है।
घरेलू उत्पादों से लेकर क्राफ्ट और हैंडीक्राफ्ट तक, इन महिलाओं ने साबित कर दिया है कि वे अपनी उद्यमिता के दम पर सफलता की नई इबारत लिख रही हैं। महोत्सव का यह स्वरूप वोकल फॉर लोकल के संकल्प को धरातल पर उतारने के साथ-साथ आधी आबादी की आर्थिक स्वतंत्रता का शंखनाद कर रहा है।