बोर्ड की पहली बैठक में सदस्यों ने जिला पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कहा कि ग्रामीण इलकों में ट्रांसफार्मर बदलने का पैसा अधिकारियों और ठेकेदारों की जेब में जा रहा। बिना ग्रामीणों के चंदा लगाए कोई ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा रहा। अमरुन फैक्ट्री बिना लाइसेंस के चल रही है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नवनिर्वाचित अध्यक्ष से सदस्यों ने कहा कि पिछले पांच साल से ये मुद्दे उठाए जा रहे हैं लेकिन इनका निराकरण नहीं हो पा रहा है। इससे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक सिंह ने शपथ ग्रहण के साथ ही जिला पंचायत की कमान संभाली।
गुरुवार को शपथ ग्रहण के बाद दोपहर में जिला पंचायत की पहली बैठक हुई। एक-दूसरे से परिचय के बाद जब अध्यक्ष ने सबसे बोलने के लिए कहा तो सदस्यों का दर्द छलक आया। सदस्यों ने जिला पंचायत में व्यपाप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। जिला पंचायत सदस्य मुकेश सिंह ने कहा कि ट्रांसफार्मर बदले के लिए बिजली विभाग को तीन से छह हजार रुपया मिलता है। लेकिन अफसोस इस बात का है कि ग्रामीण चंदा लगाकर ट्रांसफार्मर बदलवाते हैं। विभाग को जो पैसा मिलता है वह अधिकारियों और ठेकेदारों की जेब में जा रहा है। इस मुद्दे को पिछले कार्यकाल में भी उठाया गया था लेकिन आज तक कार्रवाई तो दूर जांच तक नहीं कराई गई। यहीं नहीं, जिले में बिना लाइसेंस के अमरून फैक्ट्री संचालित हो रही है। जिला पंचायत ने जब इस फैक्ट्री के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया तो यह फैक्ट्री किस आधार पर चल रही है। आज तक फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। सदन में मौजूद अन्य सदस्यों ने मेज थपथपा कर इसका समर्थन करते हुए जोरदार ढंग से कार्रवाई की मांग उठाई। सदस्यों ने कहा कि फैक्ट्री से निकलने वाले गंदे पानी से रेठ नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है वहीं दुर्गंध के चलते आसपास के गांवों के लोगों का जीना मुश्किल हो गया।
जिला पंचायत सदस्य सतीश शर्मा ने जिला पंचायत सदस्यों की नियमित बैठक बुलाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे जनता की समस्याओं को सदन में उठाया जा सकेगा तभी उनका निराकरण हो पाएगा। रानी कन्नौजिया ने कहा कि यदि कोई गरीब अपनी बिटिया की शादी नहीं कर पा रहा है तो इसमें सभी सदस्यों के सहयोग से उसकी शादी कराई जाए। जिस पर निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि जिले के विकास में कोई भेदभाव नहीं होगा। सदस्यों की जो भी समस्याएं है उनका निराकरण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। अमरून फैक्ट्री और ट्रांसफार्मर बदलने के मामलों की जांच कराई जाएगी।