बाराबंकी। जेल में फंदे पर लटक कर जान देने वाले एक बंदी की मौत के मामले में मानवाधिकार आयोग ने मृतक के आश्रित परिजनों को साढ़े तीन लाख रुपये देने का आदेश किया है। जेल प्रशासन ने इसका अनुपालन किए जाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
बदोसराय के चमड़ू का पुरवा में 20 मार्च 2019 को तिलकराम की हत्या हुई थी। मृतक की पत्नी कामिनी देवी ने इस मामले में जेठ रामधन उर्फ हंटरी व अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपितों को जेल भेज दिया था। जून 2019 में तत्कालीन जेल अधीक्षक आरके जायसवाल ने बताया था कि बंदी रामधन को गोशाला में चारा डालने के लिए भेजा गया था। बाद में हुई गिनती करने पर एक बंदी गायब मिला।
खोजबीन करने पर गायब बंदी रामधन का शव जेल परिसर स्थित गोशाला के पास पेड़ से लटकता मिला। इस केस को मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान में लिया था। इस मामले में आयोग ने मृत बंदी के आश्रितों को भरण पोषण के लिए 3.50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। इसका अनुपालन कराने के लिए ही शासन ने साढ़े तीन लाख रुपये की राशि मंजूर करते हुए डीएम को मृतक के परिजन को मुआवजा राशि का चेक देने का निर्देश दिया है।