बाराबंकी। धोखाधड़ी और नंबर क्लोनिंग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक पिछले काफी समय से दूसरे की वैगनआर कार का रजिस्ट्रेशन नंबर अपनी गाड़ी पर लगाकर बेखौफ घूम रहा था। इस जालसाजी के कारण असली कार मालिक बिना किसी गलती के लगातार फर्जी ई चालान भुगतने को मजबूर था। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम नगर कोतवाली क्षेत्र के जामा मस्जिद के पास कुछ ही दूरी पर दो सफेद रंग की वैगनआर कारें खड़ी थीं। संयोग से दोनों ही कारों पर एक ही पंजीकरण संख्या अंकित थी। स्थानीय लोगों की नजर जब इस पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत असली वाहन स्वामी को इसकी सूचना दी।
मौके पर पहुंचे असली मालिक ने जब अपनी ही कार के नंबर वाली दूसरी कार देखी, तो वह दंग रह गए। उन्होंने तत्काल शहर कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दूसरी कार को जब्त कर चालक को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसकी पहचान बेगमगंज निवासी हैदर अब्बास के रूप में हुई।
पीड़ित वाहन स्वामी ने बताया कि वह पिछले काफी समय से आ रहे ई चालानों से परेशान था। उसने कोई यातायात नियम नहीं तोड़ा था, फिर भी उसके नाम पर करीब 9 से 10 फर्जी चालान जारी हो चुके थे। शहर कोतवाल सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी जानबूझकर दूसरे की नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रहा था ताकि चालान से बच सके। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उसे मंगलवार को जेल भेज दिया है।