बाराबंकी। मसौली के बिजली उपकेंद्र पर रो-हाउस के नाम पर बिजली कनेक्शन लेने के बहाने पहुंचे दो युवकों ने जेई को कथित तौर पर रिश्वत की पेशकश की। आरोप है कि दोनों ने स्टिंग ऑपरेशन कराने, जेल भिजवाने और नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
मसौली विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) लालजी सिंह के अनुसार, छह जुलाई को उनके मोबाइल पर फोन कर दो युवकों ने मिलने का समय मांगा था। 10 जुलाई को दोनों मसौली उपकेंद्र पहुंचे और खतौनी, एग्रीमेंट तथा प्लॉटिंग का लेआउट दिखाते हुए रो-हाउस परियोजना के लिए बिजली कनेक्शन दिलाने की मांग की।
संदेह होने पर उपखंड अधिकारी के साथ मौके का सर्वे कराया गया, जिसमें विस्तृत जांच की आवश्यकता महसूस हुई। पूछताछ में एक युवक ने खुद को लखनऊ के विराजखंड गोमतीनगर निवासी सोहेल अहमद सिद्दीकी जबकि दूसरे ने प्रतापगढ़ के गौरा डांड अन्तू निवासी किशन सिंह बताया।
जेई ने बताया कि 13 जुलाई को दोनों दोबारा उपकेंद्र पहुंचे और एग्रीमेंट की प्रतियां, ट्रांसफार्मर स्थापना से संबंधित दस्तावेज तथा अर्बन डोर इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आदिल खान की मुहर वाले लेआउट प्रस्तुत किए। आरोप है कि दोनों ने काम कराने के बदले रिश्वत देने की पेशकश की।
मना करने पर खुद को पत्रकार बताते हुए आई-कार्ड दिखाए और स्टिंग ऑपरेशन कराने, जेल भिजवाने व नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। मसौली इंस्पेक्टर सनत कुमार मिश्रा ने बताया कि दोनों पर इससे पहले बाराबंकी के रसौली, लखनऊ के आशियाना व पारा क्षेत्र में भी लोगों को धमकाकर धोखाधड़ी करने के आरोप लगे हैं। पुलिस जांच कर रही है।