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Barabanki News: पूरा परिवार खत्म, घर-दुकान में लगा ताला खोलने वाला नहीं बचा

Wed, 05 Nov 2025 01:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। देवा क्षेत्र के कल्याणी पुल के पास सोमवार रात हुए भीषण सड़क हादसे में फतेहपुर कस्बे के मौलवीगंज मोहल्ले के सराफा कारोबारी प्रदीप रस्तोगी और उनके पूरे परिवार की मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया। प्रदीप पहले ही पत्नी और बेटी को खो चुके थे, और अब इस हादसे ने उनकी बची दुनिया भी उजाड़ दी। मंगलवार शाम तक प्रदीप के मकान और दुकान के दरवाजे बंद रहे। ताले वैसे ही लटकते रहे, उसे खोलने वाला अब कोई नहीं बचा। दुकान में काम करने वाले तीन लोग भी इसी हादसे में जान गंवा बैठे।
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55 वर्षीय प्रदीप रस्तोगी की पहली पत्नी आशा की मौत करीब 20 वर्ष पहले हो गई थी। उनसे एक पुत्र पवन उर्फ नितिन (30) और एक बेटी गौरी थी। वर्ष 2018 में युवा बेटी गौरी की बीमारी से मृत्यु हो गई। उस गहरे सदमे के बाद प्रदीप ने खुद को संभाला और माधुरी रस्तोगी से दूसरी शादी की। इस विवाह से उन्हें पुत्र कृष्णा (15) हुआ। मौलवीगंज में ऊपर मकान और नीचे सराफा दुकान थी।

सोमवार सुबह प्रदीप ने अचानक गंगा स्नान जाने का निर्णय लिया। पत्नी माधुरी ने सहमति जताई। मोहल्ले के ही गिरधर गोपाल से नई अर्टिगा कार ली गई। साथ में अपने यहां काम करने वाले मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के ददनपुर गांव निवासी इंद्र कुमार मिश्रा (60), कस्बे के महेंद्र मिश्रा उर्फ बालाजी और मोहम्मदपुर खाला के ही किशोर विष्णु को भी साथ ले लिया। बिठूर पहुंचकर स्नान करने के बाद प्रदीप ने घर पर फोन कर बताया था कि देर शाम तक लौट आएंगे।
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लेकिन किसे पता था कि यह उनका आखिरी संवाद होगा। रात करीब साढ़े दस बजे देवा क्षेत्र के कल्याणी पुल के पास उनकी अर्टिगा तेज रफ्तार ट्रक से भिड़ गई। रात लगभग साढ़े दस बजे पुलिस की कॉल प्रदीप के भाई अनिल और संदीप रस्तोगी को आई। अनिल बताते हैं कि पता चला कि भैया, भाभी और दोनों बच्चों की मौत हो गई है, तो यकीन ही नहीं हुआ।
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