बाराबंकी। सत्यप्रेमी नगर आध्यात्मिक उल्लास और श्रद्धा के रंगों में डूबा रहा। भगवान श्री सत्यसाई बाबा के 100वां जन्मोत्सव भक्तों ने पारंपरिक श्रद्धा और भक्ति-भाव के साथ पूरे हर्षोल्लास से मनाया। इस दौरान पूरा माहौल अच्युतं केशवं साई दामोदरं.. भजन की धुन से गूंजता रहा। सत्यसाई दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं ने माथा टेककर सुख समृद्धि का आशीष मांगा।
रविवार सुबह भोर छह बजे ओमकारम् सुप्रभातम् के साथ जन्मोत्सव की शुरुआत हुई। इसके बाद विजयेश्वर महादेव मंदिर तक नगर संकीर्तन यात्रा निकाली गई। साई भक्तों ने सामूहिक हवन में 108 मंत्रों की आहुति दी। साई राम हमारा, प्रणाम स्वीकार करो साई महादेवा, मेरे घर के आगे साईंनाथ तेरा मंदिर बन जाए जैसे भजनों ने पूरे वातावरण में भक्ति से भर दिया। बच्चों ने भी उत्सव में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों ने साईं नाथ पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
इस मौके पर पेंटिंग, भजन व भाषण प्रतियोगिताओं में बच्चों ने बढ़चढ़ कर उत्साह के साथ भागीदारी की। विजेताओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। जन्मोत्सव पर भजन के बाद साई संदेश का वाचन और महामंगल आरती हुई। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। सेवा कार्य के अंतर्गत निराश्रितों को भोजन पैकेट वितरित कर नारायण सेवा की गई। इस मौके पर सुरेश त्रिवेदी, विजय आनंद बाजपेई, उमाशंकर श्रीवास्तव, दीपेश श्रीवास्तव, भोला सिंह, पुनीत श्रीवास्तव, आशाराम त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।