बाराबंकी। यूपी बोर्ड में 28 साल से जिले की मेधा अपनी धाक बनाए हुए है। परिणाम जारी होने के बाद प्रदेश की टॉपटेन सूची मेधावियों के नाम से सबको चौका देती है। हाई स्कूल और इंटरमीडिएट में जहां मेधावी पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर अपना कब्जा जमाते है। वहीं अन्य स्थानों पर अपनी उपस्थित दर्ज कराने में पीछे नहीं है।
प्रदेश की मेरिट सूची में सबसे पहले 1998 में रामसेवक यादव इंटर काॅलेज के विद्यार्थी ने अपना स्थान बनाया। उसके बाद 2003 से महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज लखपेड़ाबाग इस प्रतिस्पर्धा में दाखिल हुआ। इसके बाद श्री सांई इंटर कॉलेज, सरस्वती इंटर कॉलेज, वारिस चिल्ड्रेन एकेडमी, यंग स्ट्रीम, पायनियर, प्रतिभा शिक्षा निकेतन, बीआरजी, सरस्वती शिशु मंदिर, आधुनिक शिक्षा निकेतन जैसे कई कॉलेज यूपी बोर्ड में अपना दबदबा बनाने की प्रतिस्पर्धा में शामिल हो गए। यूपी बोर्ड की सूची में लगातार इनका दबदबा होने से माध्यमिक शिक्षा परिषद की पैनी नजर के साथ विशेष निगरानी रखी गई। मगर विद्यार्थियों की मेधा पर सख्ती का कोई असर नहीं दिखा।
महारानी लक्ष्मी बाई इंटर कॉलेज लखपेड़ा बाग के मेधावी तो प्रतिवर्ष प्रदेश की हाईस्कूल व इंटर की टॉपटेन सूची में रहे। श्री सांई इंटर कॉलेज भी रेस में शामिल रहा। वर्ष 2026 के परीक्षा परिणाम ने एक बार फिर जिले के मेधा को साबित कर दिखा। इंटरमीडिएट में जहां महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज की बेटियों ने दूसरा और तीसरा स्थान हासिल कर चौकाया। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के द मार्डन एकेडमी इंटर कॉलेज जैदपुर ने हाईस्कूल में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान पाकर नया इतिहास रच दिया।