सिधौली ब्लॉक का निरीक्षण के दौरान रजिस्ट्रर देखते डीएम।
सिधौली। विकास खंड कार्यालय का मंगलवार शाम औचक निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर को कदम-कदम पर खामियों से रूबरू होना पड़ा। शिकायत में गलत आख्या देखकर डीएम का पारा चढ़ गया। बीडीओ से जवाब तलब करते हुए तत्काल कार्यशैली सुधारते हुए कमियां दूर करने की हिदायत दी। एडीओ पंचायत, एपीओ व जेई समेत तीन कर्मचारियों को भी फटकार लगाते हुए सुधार लाने की चेतावनी दी। जिलाधिकारी डाॅ. राजागणपति आर ने निरीक्षण के दौरान स्थापना कक्ष, शिकायत रजिस्टर, मनरेगा पटल एवं लेखाकार कक्ष का बारीकी से जायजा किया। ग्राम विकास अधिकारी की सेवा पुस्तिका में अर्जित अवकाश, चिकित्सीय अवकाश आदि का अवलोकन किया। पुरानी पेंशन से संबंधित अभिलेख भी देखे।
इस दौरान शिकायत रजिस्टर में मोबाइल नंबर अंकित न होने पर नाराजगी जताई। शिकायतकर्ता की शिकायत पर प्रस्तुत आख्या गलत पाए जाने पर खंड विकास अधिकारी धर्मेंद्र मौर्या को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश संबंधित अधिकारी को दिए। साथ ही कनिष्ठ सहायक राजकमल को गलत आख्या प्रस्तुत करने पर प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने फोन पर शिकायतकर्ता से वार्ता कर शिकायत निस्तारण के संबंध में फीडबैक भी लिया। इसके अलावा मनरेगा से संबंधित फाइलों में कमियां पाए जाने पर एपीओ अर्चना सिंह को स्पष्टीकरण सहित नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। लेखाकार कक्ष के निरीक्षण के दौरान फाइलों का रख-रखाव संतोषजनक न पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। कार्य प्रारंभ होने से पूर्व एवं कार्य पूर्ण होने के बाद की फोटो उपलब्ध न होने पर जेई आलोक कुमार यादव को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। मास्टर रजिस्टर उपलब्ध न होने पर एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने का फरमान सुनाया।
डीएम ने खंड विकास अधिकारी से कहा कि वे स्वयं भी अभिलेखों का नियमित रूप से अवलोकन करें। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों की जानकारी लेते हुए अब तक किए गए भुगतान से संबंधित रजिस्टर का अवलोकन किया। सरकार की मंशा के अनुरूप कार्यों में रुचि न लेने वाले तीन कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।