बाराबंकी। 21 साल पुराने मामले में अदालत ने पीड़ित को दोषमुक्त करार देते हुए बड़ी राहत दी है। इस फैसले ने न सिर्फ एक व्यक्ति को न्याय दिलाया, बल्कि पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
बड्डूपुर के रियाजुद्दीन उर्फ रियाजुल के खिलाफ वर्ष 2005 में पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आरोपी बनाया था। दिसंबर 2025 में इनको एसीजेएम कोर्ट से पांच साल कैद की सजा हुई। अधिवक्ता देवेश कुमार तिवारी के अनुसार उन्होंने इस फैसले के खिलाफ जिला जज के यहां अपील की। मामला अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट के यहां पहुंचा। सुनवाई के दौरान अदालत ने रियाजुद्दीन को बरी कर दिया।
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मार्फीन बरामदगी में 10 हजार रुपये जुर्माना
मसौली थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में मार्फीन बरामद होने के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया। जिला अदालत की कोर्ट-10 ने अबु तालिब उर्फ तालिन निवासी बैरी महेशपुर थाना कैसरगंज जिला बहराइच को जेल में बितायी गयी अवधि तक की सजा दी। इसके साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
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दो माह के सदाचरण की परिवीक्षा
रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2000 में दर्ज मारपीट व गाली गलौज करने के मामले में अदालत ने सजा सुनाई। कोर्ट-11 ने प्रदीप यादव व विद्या देवी निवासी धरौली थाना रामसनेहीघाट को दो माह की सदाचरण की परिवीक्षा की सजा से दण्डित किया गया। करीब 25 साल सुनवाई के बाद मामले का निस्तारण किया गया।
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मारपीट व गाली गलौज में सजा
मोहम्पुरखाला इलाके में मारपीट व गाली गलौज करने के मामले में अदालत ने सजा सुनाई। कोर्ट-15 ने कयूम मंजीद, जुनैद व भूरी निवासी सूरतगंज को न्यायालय उठने की सजा दी। प्रत्येक पर 800-800 रुपये जुर्माना भी लगा।