बाराबंकी। स्थायी लोक अदालत अधिकरण में एक अनोखा मामला सामने आया है। एक बेटी की करंट से हुई मौत के बाद मिले मुआवजे को लेकर पति-पत्नी में विवाद हो गया। वे पांच लाख रुपये की धनराशि के बंटवारे के लिए मुकदमा लड़ रहे हैं।
देवा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की युवती की मौत करंट लगने के कारण 22 जुलाई 2025 को हो गई थी। बिजली से मुआवजा के लिए दावा किया तो 10 दिसंबर 2025 को पांच लाख रुपये मुआवजा मिला लेकिन मुआवजा मृतका के पिता के नाम से आया। मां ने मुआवजे की रकम में आधा हिस्सा मांगा तो पति ने देने से इन्कार कर दिया।
इस पर पत्नी ने पॉवर काॅर्पोरेशन के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन वहां से निराशा मिली। बिजली विभाग ने धनराशि का बंटवारा करने से इन्कार कर दिया। स्थायी लोक अदालत अधिकरण में भी इस मामले पर कोई समाधान नहीं निकल सका। नौ मई को हुई राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन सुलह-समझाैते के आधार पर मामला निस्तारित कर दिया गया। अधिकरण ने पति-पत्नी को सिविल कोर्ट में वाद दायर करने की सलाह दी है। जिस पर दोनों पक्ष राजी हुए।